Monday, January 6, 2014

मंगलवार को करें ये काम, हनुमान जी चमका देंगे आपकी किस्मत

मंगलवार को करें ये काम, हनुमान जी चमका देंगे आपकी किस्मत

हनुमान जी को भगवान शिव का ग्यारहवां अवतार माना जाता है। इस अवतार में वे मां अंजनी के गर्भ से वायु देव के पुत्र के रूप में अवतरित हुए। हनुमान जी चारों युग में अजर अमर रहने वाले देवता हैं। हनुमान जी को कलयुग का जीवंत देवता माना गया है। धर्म ग्रंथों के अनुसार हनुमान जी एकमात्र ऐसे देवता हैं जो सशरीर इस पृथ्वी पर विचरण करते हैं और अपने भक्तों की हर मनोकामना पूरी करते हैं। हनुमान जी को संकट मोचन कहा गया है। हनुमान जी का नाम स्मरण करने मात्र से ही भक्तो के सारे संकट दूर हो जाते हैं।

ऐसी मान्यता है कि हनुमान जी का जन्म मंगलवार को हुआ। अत: मंगलवार के दिन उनकी पूजा का विशेष महत्व है। इसके अतिरिक्त शनिवार को भी हनुमान पूजा का विधान है। हनुमान जी को प्रसन्न करना बहुत सरल है। राह चलते उनका नाम स्मरण करने मात्र से ही सारे संकट दूर हो जाते हैं। मानव जीवन का सबसे बड़ा दुख ''भय'' है और जो साधक श्री हनुमान जी का नाम स्मरण कर लेता है वह भय से मुक्ति प्राप्त कर लेता है। हनुमान जी की उपासना से बुद्धि, यश, शौर्य, साहस और आरोग्यता में वृद्धि होती है।

हनुमान जी की कृपा पाने और सभी परेशानियों से छुटकारा पाने का एक अचूक उपाय है हनुमान चालीसा और बजरंग बाण का पाठ। प्रतिदिन हनुमान चालीसा और बजरंग बाण का पाठ करने वाले भक्तों को सभी सुख मिलते हैं और धन की प्राप्ति होती है। ऐसे लोगों को किसी भी प्रकार की कोई परेशानी नहीं होती और उनकी किस्मत का सितारा चमक जाता है।

अगर शांति चाहिए तो सुंदरकांड पढ़िए। सुंदरकांड श्रीरामचरितमानस का चौथा अध्याय है। यह श्रीरामचरितमानस का सबसे अधिक पढ़ा जाने वाला भाग है क्योंकि इसमें हनुमान जी के बल, बुद्धि, पराक्रम व शौर्य का वर्णन किया गया है। सुंदरकांड के पढऩे व सुनने से मन में एक अद्भुत ऊर्जा का संचार होता है। सुंदरकांड के हर दोहा, चौपाई व शब्द में गहन अध्यात्म छुपा है, जिससे मनुष्य जीवन की हर समस्या का सामना कर सकता है। सुंदरकांड के पाठ से बहुत ही जल्द हनुमान जी प्रसन्न हो जाएंगे और आपको मालामाल कर देंगे।

जिस प्रकार विवाहित स्त्रियां अपने पति या स्वामी की लंबी उम्र के लिए मांग में सिंदूर लगाती हैं, ठीक उसी प्रकार हनुमानजी भी अपने स्वामी श्रीराम के लिए पूरे शरीर पर सिंदूर लगाते हैं। इसलिए मंगलवार को हनुमान जी के मंदिर में जाकर उन्हें सिंदूर व चमेली का तेल अर्पित करें और अपनी मनोकामना कहें।  जो भी व्यक्ति हनुमानजी को सिंदूर अर्पित करता है उससे हनुमान जी प्रसन्न होते हैं और भक्त की सभी इच्छाएं पूरी करते हैं।

अपनी श्रद्धा के अनुसार हनुमान मंदिर में बजरंग बली की प्रतिमा पर चोला चढ़वाएं। ऐसा करने पर हनुमान जी अति प्रसन्न होते हैं और साधक की हर मनोकामना पूरी करते हैं।

राम  हनुमान जी के आदर्श देवता हैं। हनुमानजी जहां राम के अनन्यभक्त हैं, वहां रामभक्तों की सेवा में भी सदैव तत्पर रहते हैं। जहां-जहां श्रीराम का नाम पूरी श्रद्धा से लिया जाता है हनुमान जी वहां किसी ना किसी रूप में अवश्य प्रकट होते हैं। ऐसी कई कथाएं हैं जहां हनुमान जी ने श्रीराम के भक्तों का पूर्ण कल्याण किया है।

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