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Saturday, May 13, 2017

माई मॉम माई बेस्ट फ्रेंड

माई मॉम माई बेस्ट फ्रेंड

लड़कियां अपनी मां से बेहद प्रभावित होती हैं। उनके लिए उनकी मां की अहमियत दुनिया में सबसे अधिक होती है। मां ही उनके लिए सबसे बड़ी प्रेरणा और पथप्रदर्शक होती है। वह अपनी कामयाबी का सारा श्रेय मां को ही देती हैं। मां का नाम सुनकर शादीशुदा लड़कियों के चेहरे पर बिखरी खूबसूरत मुस्कान को सभी ने महसूस किया होगा। अपनी मां के साथ कुछ पल बिताने की चाहत और खुद मां होने के कारण बच्चों की जिम्मेदारियों का अहसास, हर शादीशुदा लड़की की ज़िंदगी में यह जदोजहद चलती रहती है।

शादी के बाद कनाडा में सैटल हो चुकी तरुणदीप अपनी मां कुलवंत के साथ अपने रिश्तों के बारे में बात करते हुए काफी भावुक हो गईं। उन्होंने बताया, ‘पापा की जब डेथ हुई, तब मैं बहुत छोटी थी। मेरी मां मेरा भगवान है, जो सुकून मुझे  उनके साथ रहने पर महसूस होता है वह और कहीं नहीं मिलता।’ मां से मिलने की ख्वाहिश ऐसी कि पंख होते तो तुरंत उड़ कर मां के पास आ जाती। शादी के बाद विदेश में बस चुकी सभी बेटियों की लगभग ऐसी ही इच्छा है।

सीमा वत्स की दो बेटियां हैं, एक की शादी देश में ही हुई है और दूसरी बेटी अॉस्ट्रेलिया में है। एक बेटी से मिलना-जुलना तो हो जाता है लेकिन विदेश में रहने वाली बेटी से मिले काफी वक्त निकल जाता है। विदेश के बिज़ी लाइफ स्टाइल के चलते अब वह अपने पति के साथ अॉस्ट्रेलिया गई हुई हैं। सीमा कहती हैं कि बेटियां साथ हों तो हर दिन मदर्स डे है, लेकिन इस बार यह दिन जरूर खास बन गया है क्योंकि अॉस्ट्रेलिया में मदर्स डे खूब जोर शोर से मनाया जाता है और इस बार वह भी इस पाश्चात्य त्योहार को इंजॉय करेंगे।

सर्बजीत संधु अपनी बेटी इरा से मिलने अमेरिका गई हुई हैं। सर्बजीत कहती हैं कि अपनी बेटी को पालने का अहसास जितना सुखद था उससे भी ज्यादा मज़ा उन्हें अपने ग्रैंड चिल्ड्रंस की परवरिश में आता है। मां के रहते दो बच्चों की मां उनकी बेटी इरा भी निश्चिंत रहती है। वह कहती हैं, ‘मां के बगैर मैं कुछ भी नहीं हूं। जब मैं घर जाती हूं अगर मां नहीं दिखतीं तो बेचैनी-सी लगी रहती है, मां के आते ही सब दुःख, थकान गायब हो जाती है।काम से जब थकी हुई घर लौटती हूं तो मां की गोद में सिर रखते ही सारी थकान मिट जाती है। शादी के बाद भी मां का साथ मिलना, यह भगवान के आशीर्वाद जैसा है। मदर्स डे पर मां, मैं और मेरी बेटी पूरा दिन साथ सपेंड करेंगे। मेरी बेटी ने मां के लिए ‘बंच अॉफ लैटर्स’ बनाया है जिसमें उसने उन सब बातों का जिक्र किया है, जिनसे प्रेरणा लेकर उसने अपनी ज़िंदगी को और बेहतर बनाया है।’

  • मीनाक्षी गांधी