Sunday, August 30, 2015

पेरेंटिंग टिप्‍स : अपने बच्‍चे के मन की बात को जानें

वाकई मददगार 5 स्मार्ट पेरेंटिंग टिप्स

माता-पिता की जिम्मेदारियां बहुत कठिन हैं क्‍योंकि उनके मन में हमेशा बच्चे को अच्छी परवरिश देने की टैंशन रहती है और साथ ही बच्चे के मन की बातें जानने के लिए कई तरह के जतन भी करने पड़ते हैं। कई बार पेरेंट्स के लिए यह काम बेहद मुश्किल साबित होता है। कारण होता है माता-पिता और बच्चों के बीच दोस्ताना रिश्ते न होना। लेकिन कई बार देखा गया है कि जब पेरेंट्स और बच्चे के बीच बहुत अच्छे संबंध होते हैं तब भी वह अपने मन की बात खुल कर अपने पेरेंट्स से नहीं कह पाता है।

आज हम आपको कुछ पेरेंटिंग टिप्‍स बताएंगे जिससे आप अपने बच्‍चे के मन की बात को जान सकते हैं और उन्‍हें सही परवरिश देकर उन्हें इस सोसाइटी का एक अच्‍छा नागरिक बना सकते हैं। अगर आपने बचपन से ही अपने बच्‍चों पर ध्‍यान  दिया तो आगे चल कर आपकी जिंदगी में सुकून और खुशियां भर जाएंगी।

1. बच्चों के व्यवहार पर नज़र रखें
बच्चों में इतनी समझ नहीं होती है कि वे यह जान सकें कि उनके साथ जो हो रहा है उसमें बुरा क्या है। अगर आपका बच्चा कई दिनों से शांत या खोया-खोया नजर आ रहा है तो पेरेंट होने के नाते आप तुरंत इस बात का अंदाजा लगा सकते हैं कि आपके बच्चे के मन में कुछ हलचल चल रही है। आप समझ जाएं कि अब आपको उसके मन की व्यथा जानने के लिए उसके साथ बात करनी चाहिेए और इसके लिए सही वातावरण बनाना चाहिए ताकि वह अपने मन की बात खुल कर आपको बता सके।

2. बच्चे की टीचर से इनटच रहेंः आपका बच्चा स्कूल में काफी समय बिताता है। हो सकता है कि वह कुछ जरूरी बातें अपनी टीचर से शेयर करता हो और आपको ना बताता हो, लेकिन वो बातें आपके लिए जानना बहुत जरूरी है। इसलिए बेहतर यही होगा कि आप उसकी टीचर के साथ इनटच रहें और अपने बच्चे की प्रोग्रेस के बारे में जानती रहें। बच्चे की गलती पर कभी भी टीचर को दोषी ना ठहराएं बल्कि उसके साथ बात करके समस्या का समाधान निकालने की कोशिश करें।

3. बच्चे को सामाजिक बनाएंः अपने बच्चे को उसके दोस्तों या उसकी उम्र के आपकी कामवाली के बच्चों से मिलने से ना रोकें। अगर बच्चे के काफी दोस्त हैं तो उसे उनसे अलग ना करें। बच्चे अपने दोस्तों के साथ रहते हुए बहुत कुछ सीखते हैं, जो वे स्कूल या घर पर नहीं सीख सकते। बच्चे को पढाई के साथ-साथ सामाजिक गतिविधियों में भी हिस्सा लेने दें, इससे वह लोगों के साथ मेल-मिलाप और शेयर करना सीखेगा।

4. उसे स्वतंत्र बनाएंः बच्चे को इतनी आजादी जरूर दें कि वह कम से कम अपने छोटे-छोटे फैसले खुद कर सके। इससे उसमें आत्मविश्वास आएगा। हां, आप उसे गाइड कर सकती हैं, पर अपने फैसले उस पर न थोपें। अगर वो गलती करेगा तो अपनी गलती से सीखेगा और तब उसका आप पर विश्वास भी बढ़ेगा। याद रखें, बच्चे पर जितनी ज्यादा बंदिशें लगाएंगे बच्चा उतना ज्यादा बिगडे़गा।

5. तुलना न करेंः जाने-अनजाने हम बच्चों की उपस्थिति में ही उनकी कमियों-खूबियों की तुलना करने लगते हैं। इससे बचना चाहिए। यह एक नकारात्मक तरीका है। ऐसा करने से कमतर उपलब्धि हासिल करने वाले बच्चे के मन में हीन भावना आती है। उसका मनोबल गिरता है। मैं कभी औरों की बराबरी नहीं कर सकता जैसी धारणा उसके मन में सदा के लिए घर कर जाती है। इस तरह दिन-ब-दिन जटिलताएं बढ़ती जाती हैं।

रोमांटिक रिश्ता जवां रखने के स्पाइसी टिप्स

रिश्ता समझौते पर नहीं, प्यार पर टिकेगा

आप जिसे प्यार करते हैं उसकी बेहद केयर करते हैं ताकि वह हमेशा नई बनी रहे। प्यार का रिश्ता भी एेसा ही है। अगर आप रोजाना इसकी केयर नहीं करेंगे तो जल्दी ही यह पुराना हो जाएगा। प्यार के रिश्ते में नयापन बना रहे, प्यार की गर्माहट कम न हो, इसके लिए हम आपको बता रहे हैं कुछ स्पाइसी टिप्स, जिन्हें अजमाने से आपके प्यार की खुशबू कभी मद्धम नहीं पड़ेगी और स्पाइस का तड़का इन्हें हमेशा जवां बनाए रखेगा...


1. अगर आप दोनों में कोई दूरी आ गई हो तो सबसे पहले उसे कम करें। रिश्ते की गर्माहट बरकरार रखने के लिए बहुत जरूरी है कि शारीरिक और मानसकि रूप से आप दोनों के बीच कोई दूरी नहीं रहें, लेकिन कई बार एक ही घर में रहते हुए भी  दोनों में इतनी दूरियां बढ जाती हैं कि दोनों बात तक भी नहीं करते। इससे रिश्ते में दरार बढ़ने लगती है।

2. प्रेम की भाषा समझें-समझाएं। आई लव यू सिर्फ तीन शब्द ही नहीं हैं यह फैविकॉल का वो जोड़ है जो आपके रिश्तों को जोड़ कर रखता है। लेकिन अगर आप शब्दों में मन की बातें नहीं बता पाते तो इशारों या गिफ्ट्स का सहारा लें। बॉडी लैंग्वेज बता देती है कि आप अपने पार्टनर के कितने करीब हैं। एक सहज प्यारी-सी मुस्कान भी वह सब कह देती है, जो हजार शब्द नहीं कह पाते। किसी प्यारी से डेट के बाद उनकी पौकेट में थैंक यू नोट लिख दें। पूर दिन प्यार में गुजरेगा।

3. बेस्ट फ्रैंड बनें। पार्टनर के गुणों को सराहें, लेकिन गलतियों की ओर भी इशारा करें। गुस्सा करने या मुंह बनाने से बात बनती नहीं, बल्कि बिगड़ती है। पार्टनर की सच्ची आलोचना व सुझावों को भी स्वाकारें।

4. प्यार बेशकीमती है, लेकिन आपके पास इसका बड़ा खजाना है, जिसे आप जितना अपने पार्टनर पर लुटाएंगे, बदले में आपके प्यार का खजाना बढे़गा। इसे रोज सजाने संवारने की जरूरत है, ताकि नयापन बना रहे।

5. हम हमेशा काम में बिज़ी रहते हैं, जो पल साथ बिताते हैं उसमें भी टीवी, मोबाइल, लैपटॉप हमारे बीच ही रहते हैं। सप्ताह में एक दिन सिर्फ एक-दूजे के लिए जीएं। इस दौरान कोई भी आप दोनों के बीच नहीं होना चाहिए, फिर चाहे वो टीवी, कम्प्यूटर या आप दोनों के स्मार्ट फोन ही क्यों न हों। एक दिन इनसे दूर होकर आपस में साथ समय बिताएं।

6. कभी किसी लव बर्ड्स को देखा है। लगता है, जैसे बातें ही खत्म नहीं होती उनकी। मौन को लाइफ में कभी पसरने न दें। बातचीत का सिलसिला कभी खत्म नहीं होना चाहिए। प्यारभरी बातों की याद आपके होंठों पर अचानक ही मुस्कान का कारण बन जाती है। शेयरिंग के कुछ पल बेडरूम में बिताए पलों से भी ज्यादा प्यारे होते हैं।

7. प्यार किसी एक की नहीं, बल्कि दोनों की इच्छा व जरूरत है। आप अपने पार्टनर की इच्छा को महत्व दें। उसे स्पेशल फील करवाएं। हर रिश्ते में अटेंशन की बहुत जरूरत होती है। दोनों इस नियम का पालन करेंगे तो रिश्ता समझौते पर नहीं, प्यार पर टिकेगा।

Thursday, August 27, 2015

कच्चे धागे का मजबूत रिश्ता

कच्चे धागे का मजबूत रिश्ता

राखी बहन के पवित्र प्रेम और रक्षा की डोरी है। रक्षाबंधन स्नेह का वह अमूल्य बंधन है जिसका बदला धन तो क्या सर्वस्व देकर भी नहीं चुकाया जा सकता। यह त्यौहार भाई-बहन के अटूट प्रेम का प्रतीक है। राखी के जरिये बहनें भाई की सलामती की दुआ मांगती हैं तो भाई ताउम्र बहन की हिफाजत का बीड़ा उठाते हैं, फिर चाहे रिश्ता खून का हो या सिर्फ कच्चे धागे का। 

राखी पर बहनें थाली में फल, फूल, मिठाइयां, रोली, चावल तथा राखियां रखकर भाई का स्वागत करती हैं। रोली-चावल से भाई का तिलक करती हैं तथा उसकी दाहिने कलाई पर राखी बांधती हैं। राखी बांधते समय सौ-सौ मनौतियां मनाती हैं। इसके पश्चात भाइयों को कुछ मीठा खिलाया जाता है। भाई अपनी हैसियत के हिसाब से अपनी बहन को शगुन के तौर पर भेंट देता है। 

एक वक्त था जब राखी के धागे कच्चे होते थे और प्यार के रिश्ते मजबूत, लेकिन समय बदलने के साथ-साथ भाई-बहन के इस प्यार भरे त्यौहार में दिखावा भारी पड़ने लगा है। पहले बहनें मिठाई का छोटा-सा डिब्बा और राखी का धागा लेकर मायके अपने भाई को राखी बांधने जाती थीं, पर अब यह रस्म भी बदल गई है। 

समाज की रीत कुछ ऐसी बन गई है कि बहनें अब भाई के घर जाते समय मिठाई और राखी के साथ-साथ कई गिफ्ट्स भी ले जाती हैं। इसके पीछे उसकी सोच होती है कि कहीं भाभी के दिमाग में यह न आए कि हर साल बहन थोड़ी-सी मिठाई देकर राखी पर महंगा गिफ्ट ले जाती है। राखी पर भाई के लिए गिफ्ट खरीदते समय उनके मन में एक ही चिंता रहती है कि कहां उनका गिफ्ट भाई या उनकी दूसरी बहनों के गिफ्ट्स की तुलना में सस्ता  न हो।

हालांकि बहनों को ऐसा सोचना नहीं चाहिए और भाई के प्यार को पैसे के तराजू पर तोलना नहीं चाहिए। सामाजिक रीति रिवाज़ों का निर्वाह उसी सीमा तक ठीक रहता है जब तक कि वो बोझ न बन जाएं। भाई-बहन के निश्छल प्यार के रिश्ते में भावनाएं ज्यादा अहम हैं नाकि समाजिक रीति-रिवाज। गिफ्ट के महंगे या सस्ते होने से उनके रिश्ते पर कोई असर नहीं पड़ना चाहिए।

राखी पर प्यारी बहन को गिफ्ट करें कुछ खास

राखी पर प्यारी बहन को गिफ्ट करें कुछ खास

रक्षाबंधन के पावन पर्व पर हर बहन को अपने भाई से विशेष उपहार मिलने का इंतजार होता है। रक्षाबंधन पर हर बहन यही सोचती है कि इस बार उनका भाई उन्हें क्या खास उपहार देगा और भाई भी यही सोचतें हैं कि वे अपनी प्यारी बहना को ऐसा क्या उपहार दें जिससे उनकी बहन का चेहरा भी खुशी से खिल उठे। उपहार कुछ ऐसा होना चाहिए जिसमें आपकी भावनाएं झलकें और साथ ही वह चीज आपकी बहन की जरूरत की भी हो। आइए जानते हैं कुछ ऎसे उपहारों के बारे में जो आप अपनी बहन को दे सकते हैं और उसे पाकर वह भी खुशी से फूली नहीं समाएगी।

  • अगर आपकी बहन किसी दूर शहर में रहती है और राखी पर वह आपके पास नहीं आ सकती तो आप वेबसाइट की मदद ले सकते हैं। आप अॉन लाइन गिफ्ट खरीद कर भेज सकते हैं।
  • बहन की पसंद की कोई भी ऎसी चीज जिसे वह खरीदना चाहती हो लेकिन किसी कारण से नहीं खरीद पाई हो। बहन की पसंद के लेखक की किताबें या स्टाइलिश घड़ी या ज्यूलरी या एथनिक ज्यूलरी बॉक्स भी दे सकते हैं। आर्टिफिशियल और स्टोन ज्यूलरी आजकल ट्रैंड में भी है। 
  • लड़कियों खुशबुओं की दीवानी होती हैं, आप भी अपनी बहन के मनपसंद ब्रांड की परफ्यूम गिफ्ट करके राखी के त्योहार को महका सकते हैं। 
  • गैजेट्स की शौकीन है या स्टूडैंट है तो उसकी पसंद और जेब के अनुसार आई-पॉड या स्मार्ट फोन दे सकते हैं। 
  • लड़कियों को कपड़ों का शौक तो होता ही है। अच्छी-सी ड्रैस या पारम्परिक सूट भी अच्छा अॉप्शन हो सकता है। स्टॉल या मल्टीकलर दुपट्टा या स्कार्फ जो भी आपकी बहन का मनपसंद हो, आप उसे तोहफे में दे सकते हैं। 
  • शादी के लड़कियों की प्राथमिकताएं बदल जाती हैं इसलिए आप उसे जरूरत की यूनीक चीजें तोहफे में दे सकते हैं। बैडशीट, कुशन, पेंटिंग, क्रॉकरी, साड़ी या कोई डैकोरेशन पीस दें।  ज्यूलरी या  परफ्यूम भी दे सकते हैं। 
  • बहन अगर खाने-पीने की शैकीन है तो उसे किसी अच्छे रेस्त्रां का फूड वाउचर भी गिफ्ट कर सकते हैं।  शॉपिंग वाउचर भी गिफ्ट कर सकते हैं जिससे वह अपनी पसंद से शापिंग कर सके। ब्यूटी कांशियस है तो ब्यूटी पैकेज या स्पा वाउचर भी आपकी बहन को खासा पसंद आएगा।आपकी बहन घूमने की शौकीन है तो उसे एक हॉलिडे पैकेज भी गिफ्ट कर सकते हैं। अपनी पसंद की जगह घूमने जाना आपकी बहन को जरूर पसंद आएगा।

कच्चे धागे पर भारी पड़ रही सोने-चांदी और रत्नों की चमक

कच्चे धागे पर भारी पड़ रही सोने-चांदी और रत्नों की चमक 

राखी एक कच्चे धागे की डोर है जो भाई-बहन के बीच प्रेम व स्नेह का प्रतीक है। इसे बहन अपने भाई की कलाई पर बांधती है। यह कच्चा धागा बहन-भाई के रिश्ते को प्रेम में बांधे रखता है। राखी का पवित्र धागा भाई के वादे का भी प्रतीक है जो बहन की रक्षा के लिए लिया जाता है। सूत्र (धागा)  क्योंकि बिखरे हुए मोतियों को अपने में पिरोकर एक माला के रूप में एकाकार बनाता है। माला के सूत्र की ही तरह रक्षा-सूत्र (राखी) भी भाई-बहन को जोड़ता है। 

समय के हिसाब से सबकुछ बदल रहा है। त्यौहार भी और उनसे जुड़ी परंपराएं भी। रक्षाबंधन के त्यौहार में भी बहुत बदलाव आए हैं। एक वक्त था जब नज़दीकी ही नहीं. दूर के रिश्तों में भी बहुत प्यार होता था। सिर्फ सगे भाई को ही नहीं, बल्कि चचेरे , ममेरे , मौसेरे , फ़ुफ़ेरे और जितने भी भाई होते, उन सबको राखियां भेजी जाती थीं। ध्यान रखा जाता था कि कहीं कोई छूटे न और फ़िर जो जितनी दूर रहता होता, उसे उतना पहले ही राखी भेजने की तैयारी की जाती। इसके लिए राखी से काफी दिन पहले ही सबके नाम पते लिफाफों पर लिख कर रख रख लिए जाते। पोस्ट आफ़िस में सब जगह रखियों से भरे हुए, फ़ूले हुए लिफ़ाफ़े दिखाई देते। आजकल ई-राखी का प्रचलन बढ़ रहा है और भाई-बहन वाट्स एप्प और फ़ेसबुक के जरिए राखी का त्यौहार मना रहे हैं।

कपास से बना वह पवित्र धागा पुराने जमाने की बात हो चली है। राखी का बाजार अब पूरी तरह से हाईटेक हो गया है। मार्केट में अब ब्रांडेड राखियां आ गई हैं। परंपरागत राखियों की जगह अब सोने-चांदी के धागे की बेशकीमती रत्न जड़ित राखियों ने ले ली है, जिनकी कीमत कई हजार से लाखों रूपए तक है। बहनें अब राशियों के अनुसार कीमती पत्‍थरों से जड़ी राखियां अपने भाई को बांध रही हैं। राखी पर इन कीमती रत्नों का करोड़ों रुपए का कारोबार होने लगा है। हालांकि राखी का परंपरागत बाज़ार जस का तस बरकरार है। हां, इसमें इतना फर्क आया है कि समय और मांग के हिसाब से राखियों का लुक अब बदल गया है।

बच्चे राखी के त्यौहार पर भी अपने लिए खुशियों और मस्ती की तलाश कर लेते हैं। पहले मोटी-मोटी राखियों से उनकी पूरी बांह भर जाती थी, पर अब उन्हें राखी पर भी अपने फेवरिट कार्टून कैरेक्टर चाहिए। जहां-तहां मार्केट में ‘कार्टूनमेनिया’ छाया है। डोरेमॉन, पोकेमॉन, बेटमैन, बेन टेन, छोटा भीम, स्पाइडर मैन, सुपरमैन, बाल हनुमान, हैरी पॉटर की राखियां बच्चों के लिए सेंटर ऑफ अट्रैक्शन बनी हुई हैं। स्वीट्स और चॉकलेट युक्त राखी को भी बच्चे खूब पसंद कर रहे हैं।

भईया मेरे राखी के बंधन को निभाना

राखी के लोकप्रिय गीत जो गुनगुनाने के लिये कर देंगे मजबूर

भाई-बहन के अटूट प्यार को दर्शाने वाले त्योहार रक्षाबंधन के गीतों ने लोगों के दिलों पर अपनी अमिट छाप छोड़ी है। पचास और साठ के दशक में रक्षाबंधन हिंदी फिल्मों का लोकप्रिय विषय बना रहा। इस दौरान रक्षाबंधन पर बनी फिल्मों के कुछ के गीत तो मानों अमर हो गए हैं। बरसों बाद भी इनकी लोकप्रियता जस की तस बनी हुई है। आज भी जब हम ये गीत सुनते हैं तो इन गीतों को गुनगुनाने के लिये मजबूर हो जाते हैं। इन सभी गीतों में स्नेह के धागे को शब्दों में पिरोया गया है।

बहन-भाई के प्यार भरे अटूट रिश्ते पर बनी सबसे पुरानी और लोकप्रिय फिल्मों में से एक है 1959 में बनी "छोटी बहन", जिसका लता मंगेशकर द्वारा गाया गीत, "भइया मेरे राखी के बंधन को निभाना....", आज भी बहनें गाती हैं जब वे अपने भाई की कलाई पर राखी बांधती हैं। यह गीत नंदा और रहमान पर फ़िल्‍माया गया है।

1971 में  रिलीज देव आनंद और जीनत अमान की फिल्म "हरे रामा हरे कृष्णा" भी भाई-बहन के प्यार पर आधारित थी। इस फिल्म का गीत, "फूलों का तारों का सबका कहना है, एक हजारों में मेरी बहना है.." सदाबहार गीतों में शामिल है। आज भी भाई अपनी बहन को खुश करने के लिए गुनगुनाते हैं। 
  
1974 में प्रदर्शित धर्मेद्र की सुपरहिट फिल्म "रेशम की डोर" में सुमन कल्याणपुर द्वारा गाया गया गाना, "बहना ने भाई की कलाई पे प्यार बांधा है, प्यार के दो तार से संसार बांधा है... ", आज भी जब बहनें सुनती हैं तो भावुक हो जाती हैं।

"चंबल की कसम" का गीत "चंदा रे मेरे भइया से कहना, बहना याद करे....", आज तक याद किया जाता है। रक्षाबंधन के दिन भाई से दूर दूसरे शहर में रहने वाली बहनें इस गीत के बोल सुन आंखें भर लेती हैं।

1962 में प्रदर्शित "अनपढ" फिल्म का माला सिन्हा पर लता मंगेशकर की आवाज में फिल्माया गीत "रंग-बिरंगी राखी लेकर आई बहना...", सुनकर हंसती-मुस्कुराती बहन का चेहरा भाई के जेहन में आ जाता है जो हर साल बड़े प्यार से अपने भाई के लिए राखी लेकर आती है। 

विमल राय की "बंदिनी" में भी एक बेहद मार्मिक गीत था, जिसमें बहन अपने पिता से भाई को सावन में भेजने का अनुरोध करती है। "अब के बरस भेज भइया को बाबुल सावन में दीजो बुलाय रे...।" बहन की व्यथा को बतलाने वाले शैलेन्द्र के लिखे और एसडी बर्मन के स्वरबद्ध किए इस गीत को आशा भोंसले ने गाया है।

"काजल" का मीना कुमारी पर फिल्माया आशा भोंसले द्वारा गाया गीत "मेरे भइया मेरे चंदा मेरे अनमोल रतन, तेरे बदले मैं ज़माने की कोई चीज़ ना लूँ...", का रक्षा बंधन के गीतों में विशिष्ट स्थान आज भी बरकरार है।

Discover your Fragrance

भीनी-भीनी खुशबू की महक

खुशबू से ज्यादा विचारोत्तेजक और कुछ भी नहीं है। भीनी-भीनी खुशबू की तरफ सहज ही आपका खिंचाव हो जाता है। इसकी खासियत है कि वह आपके उखड़े हुए मूड को भी ठीक कर देती है। इससे तन-मन दोनों को खुशी मिलती है। आप सुकून महसूस करती हैं। आप तरोता़ज़ा महसूस करती हैं। दिन भर की सारी थकावट दूर हो जाती है। खुद से ही आती खुशबू कॉन्फिडैंस लैवल भी बढ़ा देती है...


नारी के सोलह श्रृंगारों में खुशबू भी एक है। बाज़ार में परफ्यूम की ढेरों वैरायटी और ब्रांड्स उपलब्ध हैं। कुछ परफ्यूम बोल्ड, कुछ फूलों की ताजगी भरी महक वाले तो कुछ मिठास वाले होते हैं। लेडीज़ परफ्यूम आम तौर पर फूलों जैसे रोका, ऑरेंज ब्लॉसम्स, जैस्मिन, गॉर्डेनिया और कार्नेशंस की खुशबू से बनाए जाते हैं, जबकि पुरुषों को ज़्यादा तेज़ और बोल्ड खुशबू वाले परफ्यूम पसंद आते हैं।

दिन भर महकने की ख्वाहिश के चलते परफ्यूम एक्सैसरी बन चुके हैं। सही फ्रेगरेंस किसी भी आउटफिट को कॉम्पलीमेंट कर सकती है। फैशन पसंद महिलाओं को सभी अवसरों के लिए बढ़िया फ्रेगरेंस का चुनाव करना चाहिए। सही खुशबू दोस्तों, परिवार के सदस्यों और बिजनस एसोसिएट्स पर बढ़िया प्रभाव डालती है। सही खुशबू का चुनाव जितना महत्वपूर्ण है उतना ही जरूरी है इसे अप्लाई करने का सही तरीका।

ड्राई स्किन पर लगाएं

गीली की अपेक्षा ड्राई स्किन ज्यादा परफ्यूम को अॉब्जॉर्ब करती है। इसलिए नहाने के बाद ही अपने शरीर पर परफ्यूम स्प्रे करें।

पल्स प्वाइंट पर लगाएं

पल्स प्वाइंट्स पर परफ्यूम लगाएं। पल्स प्वाइंट्स में कलई का अंदरूनी हिस्सा, कोहनी के भीतर, गर्दन के पीछे, घुटनों के पीछे और टखनों के पीछे के भाग शामिल हैं। यह लोशन या तो सुगंध रहित हो या इसकी खुशबू आपकी परफ्यूम से मिलती हो। लोशन के सूखने तक एक-दो मिनट के लिए रुकें।

हेयरब्रश पर करें परफ्यूम स्प्रे

बाल खुशबू के लिए बेहतरीन स्पॉट हैं। खास अवसरों पर अपनी गर्दन के पीछे परफ्यूम स्प्रे करें। आपके शरीर की गर्मी और आपके बालों की मूवमेंट खुशबू को फैला देंगे। आपके बालों का तेल भी आपकी खुशबू को बनाए रखता है। हेयर ब्रेश पर परफ्यूम स्प्रे करने से बालों में खुशबू समा जाती है और जब भी आपका सिर मूव करता है, बाल खुशबू बिखेरते रहते हैं। लेकिन एेसा रोजाना न करें, क्योंकि एल्कोहल से आपके बाल ड्राई हो जाएंगे।

पूरे शरीर पर न करें छिड़काव

परफ्यूम केवल पल्स प्वाइंट्स पर स्प्रे करना चाहिए। अगर परफ्यूम बहुत लाइट हो तो ऐसा करना बढ़िया रहता है। पूरे शरीर पर परफ्यूम स्प्रे करना फूहड़ता झलकाता है। खुशबू से नहाकर आए हुए लगना अच्छा नहीं लगता। कानों और गर्दन के पीछे परफ्यूम लगाकर आप अपने साथी को अपनी ओर आकर्षित कर सकती हैं। इससे आप फ्रैश भी स्मैल करेंगी।

खुशबू और मिथ

लोगों में एक मिथ है कि यदि आप अपने पार्टनर को परफ्यूम गिफ्ट करते हैं तो आपकी उससे लड़ाई हो जाती है। इसीलिए कुछ लोग अपने रिश्ते को प्यार से खत्म करने के लिए भी परफ्यूम का सहारा लेते हैं। वहीं कुछ लोग अपने प्यारभरे रिश्ते को महकाने के लिए भी परफ्यूम को ही अज़माते हैं।

सही परफ्यूम का चुनाव

परफ्यूम का चयन भी एक आर्ट है। सिर्फ यही सोचकर कोई परफ्यूम नहीं खरीदनी चाहिए कि वह डिज़ाइनर है, या आपकी दोस्त इसे यूज़ करती है। जो परफ्यूम आपकी दोस्त पर महकता है, वही अाप पर ठीक इसके विपरीत प्रभाव दिखा सकता है। दरअसल, परफ्यूम की खुशबू जब आपकी स्किन की नैचुरल खुशबू से मिलती है तब उस परफ्यूम की असल महक थोड़ी सी बदल जाती है। आपको हमेशा वही परफ्यूम खरीदना चाहिए जिसकी खुशबू आपके शरीर के नैचुरल कैमिकल्स से मेल खाए यानी वो आपके शरीर की नैसर्गिक गंध को बढ़ाए या आपके शरीर की गंध के साथ घुल-मिल जाए।
आपके लिए कौन सा परफ्यूम बैस्ट है इसकी जांच के लिए आप इसे कलाई के पीछे स्प्रे करें और 10-15 मिनट तक इंतज़ार करें। यदि इसके बाद भी आप परफ्यूम की महक को अच्छी तरह महसूस कर रही हैं तो आपको वह परफ्यूम तुरंत खरीद लेना चाहिए। इस दौरान आप जान जाएंगे कि यह आपके शरीर के नैचुरल कैमिकल्स के साथ कैसे रिएक्ट करता है। एक वक्त में दो-तीन से ज़्यादा परफ्यूम टैस्ट न करें, नहीं तो आपके लिए सही खुशबू का चुनाव करना मुश्किल हो जाएगा।