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Tuesday, October 29, 2013

दिवाली पर दिखें सबसे खास

दिवाली पर दिखें सबसे खास

दिवाली पर आपका लुक कुछ खास हो और आप सबसे खास दिखें ऐसी चाहत हर महिला की होती है। इस मौके को और खास बनाने के लिए महिलाएं जितने चाव से अपने घर को सजाती-संवारती हैं उतने ही चाव से वे अपने सजने-संवरने पर भी ध्यान देती हैं। यकीनन इस दीवाली पर आप की भी इच्छा नए और स्टाइलिश कपड़े पहनने की होगी। दिवाली के अवसर पर पार्टी या गेट-टुगेदर के दौरान महिलाओं में सजने-संवरने और खूबसूरत दिखने की होड़ सी रहती है।

यह सोच गलत है कि महंगी पोशाकों से ही लुक आता है। आप किसी भी पोशाक में खूबसूरत दिख सकती हैं। आपको जो सूट करता है, वहीं पहनें।यह भी जरूरी नहीं कि दिवाली पर आप कोई नई ड्रेस या नई ज्वेलरी ही पहनें, आप अपनी पुरानी कलेक्शन को भी समझदारी से मिक्स एंड मैच कर सकती हैं।  याद रखें आप चाहे जो भी पहनें, अगर आईने ने आपको पास कर दिया, तो सब ठीक है। दूसरों के कहे पर कतई ना जाएं। लेकिन रोशनी के इस त्योहार पर आप जो भी पहनें, इतना ध्यान जरूर रखें कि उनसे आपकी सुरक्षा खतरे में न पड़े यानी पहने जाने वाले कपड़ों का चयन सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए करें।

 

ऐसे करें कपड़ों का चुनाव

आप कितने भी खुले माहौल में पली-बढ़ी हों, लेकिन कपड़े और मेकअप अवसर के अनुकूल ही होने चाहिए। इससे खूबसूरती में तो निखार आता ही है, एक खास किस्म की गरिमा भी मिलती है। अगर आप ऑफिस की दिवाली पार्टी में जा रही हैं तो आपका लुक कुछ अलग होना चाहिए जबकि कि थीम पार्टी या घर पर गैदरिंग के समय आप खुद को अलग तरह से कैरी करेंगी। लेटेस्ट ट्रेंड की जानकारी रखें जिससे आप त्योहार के खास मौके पर अलग-थलग न महसूस करें।

घर में दिवाली की पूजा है, तो आप एथनिक पोशाक में अच्छी लगेंगी। ऐसे में कॉटन का शॉर्ट कुर्ता और पटियाला सलवार सबसे बढ़िया बढ़िया च्वाइस रहेगी। इससे आपका लुक बहुत ही शानदार और लुभावना दिखता है। आप परंपरानुसार चूड़ीदार पर फैशनेबल कुर्त्ता भी पहन सकती हैं। प्लीटेड पैंट के साथ कढ़ाई वाली चोली या स्मार्ट टीशर्ट भी स्टाइलिश विकल्प हैं। भारतीय महिलाओं का त्योहारों पर साड़ी पहनना तय है, उनके लिए प्री-प्लेटेड साड़ी अच्छा विकल्प है।

दीवाली पर ढीलेढाले और लहराने वाले कपड़ों से एकदम दूर रहें। चुस्त और आरामदायक कपड़ों का चयन करें। रेशम, सॉटन और पॉलिएस्टर जैसे फैब्रिक से बने कपड़े यानी जल्दी आग पकड़ने वाले कपड़ेन ही पहनें। ये आग बहुत जल्दी पकड़ लेते हैं। जॉर्जट और सूती कपड़े सबसे बेहतरीन रहेंगे। अगर आप दीवाली की रात अनारकली सूट या लॉन्ग स्कर्ट पहनने का प्लान कर रही हैं, तो याद रखें ये आपको मुश्किल में डाल सकते हैं। पटाखे चलाते समय लंबीं पोशाकें जल्दी आग पकड़ लेती हैं। 

चटक रंग दिवाली को रंगीन बना देंगे

दिवाली के दिनों में चटक रंग यानी ब्राइट कलर्स अच्छे लगते हैं। जगमगाते ‍दीयों में ब्राइट कलर की ड्रेस और मेकअप से आपके आसपास का माहौल खूबसूर‍‍त हो जाएगा। ड्रेस का कलर हमेशा अपने बॉडी टाइप और कलर टोन के अनुसार ही तय करें। लेकिन ध्यान रखें डार्क कलर की ड्रेस के साथ लाइट कलर्स को भी शामिल कर लिया जाए, तो आप बेहद आकर्षक दिखेंगी। लाइट और डार्क कलर कॉम्बीनेशन से बनी आपकी ड्रेस आपकी लुक को चार चांद लगा देगी। पीच कलर के साथ रॉयल ब्ल्यू, रेड के साथ वाइन, पीच के साथ नियोन आरेंज कलर इंडियन ड्रेसेज के लिए एकदम परफेक्ट हैं। अगर आप ब्राइट कलर की ड्रेस पहन रही हैं तो ध्यान रखें उसमें कढ़ाई कम होनी चाहिए। और अगर आप लाइट कलर चुन रही हैं तो एम्ब्रॉयड्री हैवी होनी चाहिए।

एक्सेसरीज और ज्वेलरी से बनेगी बात

  • ड्रेस की खूबसूरती तब तक अधूरी रहती है जब तक कि इसके साथ मैचिंग ज्वेलरी का कॉम्बीनेशन न हो। लेकिन यह सोच भी गलत है कि बहुत सारे एक्सेसरीज पहनने पर आपकी ड्रेस की लुक खिल उठेगी या आप अच्छी लगेगी। एक्सेसरी अपनी ड्रेस के मुताबिक चुनें।
  • एथनिक परिधानों के साथ ओल्ड स्टाइल की ज्वेलरी ज्यादा फबती है। कानों में एक कुंडल या हैवी लुक वाले ईयरिंग सुंदर दिखते हैं। अगर आपने गले में कुछ भारी सा पहना है, तो कान के टॉप्स छोटे रखिए। हाथों में हल्की सी चूड़ियां ही काफी हैं।
  • अगर आप वेस्टर्न पोशाक पहन रही हैं, तो कानों में हल्की एक्सेसरीज काफी हैं। हाथों में ब्रेसलेट पहन सकती हैं और गले में चेन लॉकेट ही पर्याप्त है।

मेकअप और हेयर स्टाइल हो ज़रा हटके

  • दीवाली रात का फेस्टिवल है, इसलिए मेकअप भी आप थोड़ा डार्क ही करें। लेकिन याद रखें बहुत हेवी मेकअप का मतलब खूबसूरती नहीं है। आपकी स्किन और पहनावे के अनुसार मेकअप ट्राइ करें। आंखों को हाईलाइट करने के लिए उन्हें आकर्षक मेक-अप से सजाएं। ब्राइट कलर की लिपस्टिक लगाएं और एथनिक ड्रेस के साथ बिंदी लगाना न भूलें।
  • बालों को जूड़ा तब तक ना बनाएं, जब तक कि आप पर फबे नहीं। बालों का आगे पफ बना कर बाल खुले छोड़ सकती हैं। इससे आपको पटाखे चलाने में परेशानी भी नहीं होगी और आप कम्फर्टेबल भी रहेंगी।

फुटवियर भी हो खास

अब बात आती है जूतों की, तो दीवाली पर वेस्टर्न ड्रेस के साथ फॉर्मल जूते और सैंडल अच्छा विकल्प हैं। हर तरह के परिधान के साथ हाई हील्स खूब सूट करती हैं। इनमें अगर ऐनिमल और फ्लोरल प्रिंट्स के फुटवेयर्स हों तो वे आपकी ड्रेस को और भी खूबसूरत बना देंगे। आप प्लैटफॉर्म के साथ टी स्ट्रैप में सैंडल ट्राई कर सकती हैं। क्रॉस स्टैप और मल्टी स्टैप का ऑप्शन भी बढि़या हो सकता है। एथनिक ड्रेस पहन रही हों तो पंजाबी जुती आप पर ज्यादा फबेगी।

Wednesday, July 31, 2013

बरसात में लुक पर सुहावनी फुहार


भीगे-भीगे मौसम में रूप की बहार

आसमान में उमड़ती काली घटाएं एवं रिमझिम वर्षा की फुहारें मौसम को बेहद सुहावना और खुशनुमा बना देती हैं। लेकिन एक तरफ जहां यह मौसम प्रकृति को खूबसूरत बनाता है, वहीं दूसरी तरफ यह हमारी खूबसूरती चुरा लेता है। बरसात के मौसम में अपने सौंदर्य को बरकरार रखना काफी मुश्किल होता है। फुहारों का आनंद लेने पर भी आपका मेकअप हर पल वैसा ही बना रहे, इसके लिए कुछ सावधानियां बरतनी जरूरी हैं। कुछ उपयोगी टिप्स अपनाकर आप बारिश में भी अपने सौंदर्य में चार चांद लगा सकती हैं।
बढ़ती उमस के कारण चिपचिपी स्किन पर मेकअप करने का मन नहीं करता, पसीने से भीगे उलझे बाल आपको फ्रैश लुक नहीं देते, ऐसे में कैसे पाएं खिला-खिला सौंदर्य और दिखें फ्रैश एंड कूल, यह सवाल बरसात के दिनों में अक्सर सुनने को मिल जाता है। लेकिन हर समस्या का हल होता है और हर सवाल का जवाब भी होता है। मॉनसून में भी आपकी खूबसूरती बरकरार रहे और भीगने पर भी मेकअप खराब न हो, इसके लिए अपनाएं कुछ घरेलू नुस्खे और मेकअप ट्रिक्स।

स्किन केयर

स्किन को टोन अप करने के लिए टोनर लगाएं। उसके बाद मॉइश्चराइजर लगाएं, ताकि स्किन की कुदरती नमी बरकरार रहे। नियमित क्लीनिंग, टोनिंग और मॉइश्चराइजिंग से स्किन किसी भी प्रकार की समस्या से दूर रहती है और लंबे समय तक स्वस्थ रहती है। इसे अपना रुटीन बना लें ताकि स्किन ताउम्र जवां और स्वस्थ बनी रहे।
क्लीनिंग: बरसात के मौसम में स्किन को ऑयल फ्री रखना जरूरी होता है। इसलिए दिन में दो बार माइल्ड क्लींजर से चेहरा अवश्य धोएं। अगर आप वर्किंग हैं तो अपने हैंड बैग में एस्ट्रीजेंट जरूर रखें और दिन में 4-5 बार रुई के फाहे में लगाकर उससे चेहरा साफ करें। इससे त्वचा ऑयल फ्री रहेगी और फ्रैशनेस का एहसास भी होगा।
टोनिंग: बारिश के मौसम में हवा और पानी में बैक्टीरिया बहुत तेजी से पनपते हैं। इस कारण खुजली और स्किन पर रैशेज होना आम बात है। अच्छे एंटी-बैक्टीरियल टोनर का प्रयोग करके आप इन सबसे बच सकती हैं। यदि आपकी स्किन ड्राई है तो माइल्ड टोनर का प्रयोग करें। ऑयली स्किन को टोन करने के लिए लैवेंडर ऑयल की कुछ बूंदें थोड़े पानी में मिलाकर टोनर की तरह प्रयोग कर सकती हैं। नॉर्मल स्किन के लिए गुलाबजल से भी चेहरा साफ कर सकती हैं। यह बढिय़ा टोनर का काम करेगा।
मॉइश्चराइजिंग: बारिश के मौसम में भी स्किन को मॉइश्चराइज करने की उतनी ही जरूरत है जितनी कि अन्य मौसम में। अगर आप बारिश में भीग गई हों तो घर आते ही सबसे पहले चेहरा धोकर हल्का-सा थपथपाकर पोंछ लें। इसके बाद हल्का वॉटर-बेस्ड मॉइश्चराइजर पूरे चेहरे, गर्दन एवं हाथों पर अच्छी तरह लगा लें। इससे आपकी स्किन हैल्दी और सुंदर बनी रहेगी।

मेकअप टिप्स

बरसात के मौसम में चेहरे पर बारिश की फुहारें गिरते ही मेकअप घुलने लगता है, जिससे चेहरा बदरंग दिखाई देने लगता है। बरसात के भीगे-भीगे और चिपचिपाहट भरे मौसम में मेकअप करते समय अगर आप निम्न टिप्स पर ध्यान रखेंगे तो आपके चेहरे का जादू बरकरार रहेगा।
  • बरसात के मौसम में वॉटरप्रूफ, लाइट और मैट फिनिश वाला मेकअप ही करना चाहिए। इससे फेस पर ताजगी बनी रहती है और भीगने पर भी यह मेकअप चेहरे को बदरंग नहीं बनाता। ग्लॉसी मेकअप भूलकर भी न करें, यह पसीने, उमस और बारिश की बूंदों के साथ चेहरे पर घुलने लगता है, जिससे चेहरा भद्दा दिखाई देता है।
  • मेकअप करने से पहले अपने हाथों को जरूर साफ करें, ताकि संक्रमण का खतरा न रहे।
  • जहां तक संभव हो, फाउंडेशन और फेस पाऊडर का इस्तेमाल न करें। यदि जरूरी हो तो केक बेस्ड फाउंडेशन लगाएं, जिससे पसीना आए भी तो लकीर न बन पाए।
  • फाउंडेशन की पतली परत लगाने के बाद पफ से पाऊडर लगाएं। अगर ज्यादा पाऊडर लग जाए तो पाऊडर ब्रश से हटा दें।
  • ब्लशर और आईशैडो क्रीम के रूप में न लगाएं क्योंकि ये फेस पर चिकना प्रभाव छोड़ते हैं, जिस कारण चेहरा भद्दा दिखाई देने लगता है। हल्के रंग का पाऊडर ब्लशर और पाऊडर आईशैडो का ही प्रयोग करें।
  • आंखों का मेकअप जल्दी खराब होता है इसलिए काजल के स्थान पर वाटर प्रूफ आई लाइनर या पेंसिल का प्रयोग करें, ताकि भीगने पर यह बहे नहीं और आपका सौंदर्य भी खिला-खिला रहे।
  • लिपग्लास का प्रयोग बिल्कुल ना करें। लाइट शेड की लिपस्टिक का इस्तेमाल करें। लिपस्टिक लगाने से पहले होठों की बाहरी रेखा लिप पेंसिल से लगाएं, ऐसा करने से लिपस्टिक नहीं फैलेगी।
  • बरसात में लिक्विड बिंदी न लगाएं, क्योंकि गीली बिंदी भीगने पर बहने लगेगी जिससे आपका चेहरा रंग-बिरंगा हो जाएगा। आप वाटरप्रूफ लिक्विड बिंदी लगा सकती हैं अन्यथा स्टिकर वाली बिंदिया लगा सकती हैं।  यह पसीने व बरसात में टिकी रहती है और रंग भी नहीं छोड़ती। आप कुंदन या नग वाली बिंदी भी लगा सकती हैं।
  • सूखे सिंदूर की बजाय रैडीमेड स्टिक वाले सिंदूर का प्रयोग करें। यह गीला होने पर बहता नहीं है।
  • बालों को स्टाइल करने के लिए मूज या जैल का प्रयोग न करें, क्योंकि इनसे भी अपके बाल स्टिकी हो जाएंगे। बालों को खुला छोडऩे की बजाय गर्दन पर उठा हुआ जूड़ा बनाएं।

घरेलू नुस्खे 

स्किन को हैल्दी और खुद को खूबसूरत बनाए रखने के लिए आप घरेलू नुस्खों का सहारा ले सकती हैं, जो आसान भी हैं और सुरक्षित भी। 
  • 2 चम्मच गुलाबजल में कुछ बूंदें बेबी ऑयल और 3-4 बूंद नींबू का रस मिलाएं। इस मिश्रण को कॉटन बॉल में लगाकर चेहरा साफ करें। यह रोमछिद्र साफ करता है, मेकअप हटाता है और स्किन की धूल-मिट्टी भी साफ कर देता है।   
  • रात को त्वचा की टोनिंग जरूर करें। इसके लिए एक छोटे चम्ममच दूध में पांच बूंद चमेली का तेल मिलाएं। इस मिश्रण को चेहरे व गर्दन पर लगाएं।
  • चिपचिपी स्किन से छुटकारा पाने के लिए चंदन पाऊडर में गुलाब जल मिला कर चेहरे, गर्दन व बांहों पर लगाएं।
  • ताजे दूध में थोड़ा-सा नींबू का रस मिलाकर क्लींजर के रूप में प्रयोग करें। ऑयली स्किन के लिए  इसमें थोड़ा दही का पानी भी मिलाया जा सकता है।
  • स्किन में कुदरती निखार लाने के लिए शहद व दही को बराबर मात्रा में मिलाकर अच्छी तरह चेहरे व गर्दन पर लगाएं और 15 मिनट बाद चेहरा धो लें।
  • अगर आपकी स्किन ड्राई है तो आप एक बड़ें चम्मच दूध की क्रीम में गुलाब जल मिलाकर 15 मिनट तक चेहरे, गर्दन और बांहों पर लगाएं।

एक्सट्रा केयर

  • सोने से पहले मेकअप उतारना न भूलें। अगर मेकअप न हटाया जाए तो वह स्किन के पोर्स बंद कर देता है और मेकअप में मौजूद कैमिकल स्किन को नुकसान पहुंचाते हैं। 
  • बरसात में पसीना भी बहुत आता है, अत: डयोरेंड या परफ्यूम लगाना न भूलें।
  • बाल भी चिपचिपे हो जाते हैं, अत: शैंपू करने में एक दिन से ज्यादा का गैप न डालें। शैंपू के बाद क्रीमी कंडीशनर का इस्तेमाल करने की बजाय एक मग पानी में एक बड़ा चम्मच नींबू का रस या सिरका डालकर उससे लास्ट रिंस करें। इससे आपके बालों में चमक भी आएगी तथा बाल लहलहा उठेंगे।
  • सूरज की किरणों से आपकी स्किन को नुक्सान पहुंच सकता है इसलिए घर से बाहर निकलने के करीब आधा घंटा पहले सनस्क्रीन लगाना ना भूलें। यह एलर्जी और अल्ट्रावायलेट किरणों से आपकी सुरक्षा करेगा।
  • सिंथैटिक कपड़े न पहनें। कॉटन के थोड़े ढीले परिधान पहनें। इससे आपको गर्मी भी कम लगेगी और चूंकि कॉटन में पसीना सोखने की क्षमता होती है इसलिए आपको चिपचिपापन भी झेलना नहीं पड़ेगा।
  • अपनी ब्यूटी बनाए रखने के लिए खाने-पीने पर भी ध्यान दें। इस मौसम में पाचन शक्ति थोड़ा कमजोर हो जाती है, अत: ताजा, हल्का, पौष्टिक और घर का बना खाना ही खाएं। हरी सब्जी, सीजन का फल एवं दूध का सेवन जरूर करें।

Tuesday, July 30, 2013

स्टाइल स्टेटमेंट बनते बोल्ड लुक वाले चश्मे

स्टाइल स्टेटमेंट बनते
बोल्ड लुक वाले चश्मे

पहले कहा जाता था कि आंखों पर चश्मा चढ़ गया तो लुक्स की तो बैंड बज गई, लेकिन अब सोच बदल चुकी है। अब तो वे लोग भी चश्मा लगाते नज़र आते हैं जिनकी आई साइट बिलकुल सही होती है। इसका कारण है कि अब लोग चश्मे को भी स्टाइल स्टेटमेंट की तरह लेने लगे हैं...

एक ज़माना था जब चश्मे को खूबसूरती पर ग्रहण माना जाता था। लोग सोचते थे कि चश्मा लगाने से चेहरा सुंदर नहीं दिखता। लड़कियां तो चश्मा लगाने के नाम से ही घबरा जाती थीं। जब कोई आदमी भी चश्मा लगाता था तो आस पड़ोस या घर-दफ्तर में इस पर दुख जताया जाता था कि अच्छे-भले आदमी की नज़र कमज़ोर हो गई है। बेचारे को चश्मा पहनना पड़ रहा है। चश्मा पहनने वाले औरों से अलग दिखते थे और इस बात का उन्हें अहसास भी होता था। लेकिन वक्त के साथ लोगों के एटीट्यूड में भी बदलाव आया है।
पहले चश्मा लगाना बेशक मजबूरी रही हो, पर अब यह खास तौर से युवाओं में फैशन का हिस्सा बनते जा रहे हैं। अब खुद को स्टाइलिश दिखाने की चाहत में युवा चश्मा पहनने लगे हैं। कोई आंखों की कमजोरी के कारण चश्मा पहनता है तो कोई यूं ही स्टाइल स्टेटमेंट के लिए। अब कारण चाहे जो भी हो यूथ में चश्मों को लेकर भी काफी क्रेज़ है। ज्यादातर युवा स्टाइलिश फ्रेम वाले चश्मे पहने दिखते हैं।
लेकिन कुछ लोग आज भी यही सोच रखते हैं कि  चश्मा पहनना बहुत बोरिंग है। अगर आप भी ऐसा ही सोचती हैं तो इस गफलत से बाहर निकलें। हकीकत में ऐसा नहीं है। अगर आप थोड़ी सूझबूझ के साथ अपने रंग-रूप, चेहरे के आकार आदि को ध्यान में रखकर अपने लिए चश्मे का फ्रेम चुनेंगी तो आपकी खूबसूरती और भी निखर कर सामने आएगी। आपको न सिर्फ पूरा कंफर्ट मिलेगा बल्कि आप और भी अधिक स्टाइलिश और स्मार्ट लगेंगी। आपके चश्मे का खूबसूरत आपके लुक्स को और भी बेहतर बना देगा। कई किस्म के स्टाइलिश पॉवर स्पेक्ट्स मार्किट में उपलब्ध हैं जिन्हें लगाने से आपकी खूबसूरत आंखों की सुरक्षा तो होती ही है साथ ही आपका व्यक्तित्व भी आकर्षक लगता है। यही कारण है कि जिन्हें चश्मे की जरूरत नहीं होती, वे भी नए स्टाइल के चश्मे देख कर उसे खरीदने को मचल उठते है।
पहले जो चश्मे मार्किट में अवेलेबल होते थे उन्हें देखकर निराशा होती थी। वे ठीक वैसे ही थे कि उन्हें पहनने के बाद खुद की लुक्स के लिए नैगेटिव सोच आ जाती थी, पर अब ऐसा नहीं है। चश्मे के प्रति लोगों के ेबढ़ते क्रेका के चलते कई देसी विदेशी ब्रांड के चश्मे बनाने वाली कई कंपनियां बाजार में उतर आई हैं। लोगों के सामने ढेरों विकल्प हैं।
अब बोल्ड लुक वाले और रंगीन फ्रेम के चश्मे भी लोकप्रिय हो रहे हैं। सेलिब्रिटीज में तो ये आम हैं। मोटे फ्रेम वाले चश्मे जिन्हें लोग पसंद नहीं करते थे, वे अब फिर से लोकप्रिय होने लगे हैं। अब तो लोग अलग-अलग रंगों के कई-कई जोड़ी चश्मे भी रखने लगे हैं। ताकि कपड़ों के रंग के हिसाब से मैच करते फ्रेम वाले चश्मे पहने जा सके।

फ्रेम चुनते वक्त

जब कोई आपको देखता है, तो सबसे पहले उसकी नज़र चश्मे पर ही जाती है। ज़ाहिर सी बात है कि यह आपके मेकअप, ज्यूलरी और यहां तक कि कपड़ों से भी कहीं अधिक महत्वपूर्ण है। आप बेशक साधारण कपड़े पहनें, ज्यूलरी न पहनें या मेकअप न करें मगर आपके चश्मे का फ्रेम शानदार होना चाहिए। तभी तो आपका चेहरा ही नहीं व्यक्तित्व भी सुंदर लगेगा।
चश्मे का फ्रेम पसंद करते समय सबसे पहले देखिए कि आपको कैसा फ्रेम चाहिए। याद रखें, चश्मा आपके व्यक्तित्व का हिस्सा भी है। जो भी फ्रेम खरीदें, वह आपके चेहरे पर फिट होने के साथ व्यक्तित्व के अनुरूप हो।
फ्रेम पसंद करते समय अपनी जरूरत पर भी ध्यान दें। आपने इसे लगातार पहनना है या पढ़ते समय या आफिस के काम के लिए चाहिए, या फिर फैशन के लिए है।
अगर आप पहले से चश्मा पहन रही हैं तो इस बार कुछ अलग स्टाइल का फ्रेम चुनें और फिर देखिए आपका व्यक्तित्व कितना बदलता है।
चश्मे के फ्रेम की फिटिंग आपकी नाक के मध्य में ठीक होनी चाहिए। यदि आपकी नाक मोटी है तो यह फ्रेम हल्के रंग का होना चाहिए और यदि आपकी नाक लंबी है तो इसे नाक के मध्य में सैट करके पहनें। यदि आपकी दोनों आंखें बहुत पास-पास हैं तो ट्रांसपेरेंट फ्रेम बढिय़ा दिखेगा।
फ्रेम का साइज़: फ्रेम चुनते वक्त कुछ बातों का ध्यान रखना बेहद जरूरी है। फ्रेम इतना बड़ा न हो कि आपकी भौंहों के समानांतर हो। बहुत बड़े फ्रेम के चश्मों से बचें। चश्मे के फ्रेम का साइज आपके चेहरे के अनुसार ही होना चाहिए।
फ्रेम का कलर: चश्मे के फ्रेम का रंग अगर आपकी आंखों की पुतली के रंग को कॉम्प्लीमेंट करता है तो आप यकीनन स्टाइलिश लगेंगी। यदि आप अपनी आंखों की पुतली के रंग से मिलता फ्रेम चुनती हैं तो यह आप पर और भी ज्यादा जंचेगा। बालों का रंग भी महत्वपूर्ण बन जाता है जब बात होती है आपके फ्रेम के कलर के चुनाव की। अगर आपके बाल काले या गहरे भूरे हैं तो आप डार्क शेड्स, बोल्ड कलर्स और एक से अधिक शेड्स के कॉम्बीनेशन वाले फ्रेम ट्राई कर सकती हैं। अगर आपके बालों का रंग लाइट ब्राउन है तो मैटल या पेस्टल शेड्स के लाइट फ्रेम आप पर अधिक फबेंगे।
फ्रेम की शेप: चेहरे की बनावट के अनुसार ही चश्मे का फ्रेम चुना जाना चाहिए, तभी यह आप पर फबता है, अन्यथा खूबसूरती पर भारी पड़ जाता है। फ्रेम की शेप चेहरे की शेप के कंट्रास्ट में होनी चाहिए। ओवल शेप फेस पर  हर तरह के चश्मे सूट करते हैं। लेकिन ध्यान रखें कि यह बहुत पतला भी न हो और बहुत मोटा भी नहीं। आयताकार चेहरे पर थोड़े वर्क डिजाइन और कंट्रास्ट वाले चश्मे अच्छे लगते हैं। कोशिश करें कि चश्मे का ब्रिज अधिक लंबा न हो। तिकोनाकार चेहरे पर ऐसे चश्मे फबते हैं जिनका निचला हिस्सा चौड़ा हो। ऐसे चेहरे पर रिमलैस चश्मे भी अच्छे लगेंगे। चौकोर चेहरे के लिए ओवल और गोल फ्रेम के चश्मे बढिय़ा च्वाइस हैं। आप अपने लिए कार्नर से मोटी स्टिक वाला फ्रेम चुनें। संकरे फ्रेम आमतौर पर छोटे चेहरे पर अच्छे लगते हैं, जबकि लंबे चेहरे पर गहरे फ्रेम अच्छे लगते हैं।

ग्लासिस का सलैक्शन

जब बात आंखों की हो, तो ग्लास सबसे बढिय़ा खरीदें। ये हल्का होने के साथ टिकाऊ भी होने चाहिए। ग्लास भी कई क्वालिटी के आते हैं, यह जितना बेहतर होगा, उतना ही मंहगा होता जाएगा। बिलकुल सही नंबर वाले बढिय़ा ग्लास का चयन करें ताकि आपकी आंखों को भी राहत मिले। शेड वाले ग्लास भी आप यूका कर सकत हैं, जो धूप के कान्टैक्ट में आते ही डार्क हो जाते हैं। इसमें भी अलग-अलग क्वालिटी के ग्लास उपलब्ध है। लैंस वाले प्लास्टिक के शीशे भी उपलब्ध हैं जो आसानी से नहीं टूटते। इससे चश्मा भी भारी नहीं लगता। जो लोग लगातार चश्मा पहने रहते हैं उन्हें लैंस वाले हल्के शीशे ही खरीदने चाहिए।

Monday, April 1, 2013

खूबसूरती की दुश्मन ‘गलतियां’

http://epaper.punjabkesari.in/magazine/news/29032013/page/4$
खूबसूरती की दुश्मन ‘गलतियां’

सुंदर दिखना सबका हक है, पर खूबसूरती को बढ़ाने और खुद को स्टाइलिश लुक देने के चक्कर में कई बार हम कुछ ऐसी गलतियां कर जाते हैं जो खूबसूरत चेहरे पर बदनुमा धब्बा बन कर सुंदरता को हर लेती हैं। सही जानकारी के अभाव में गलतियां किसी से भी हो सकती हैं। आपसे ऐसी कोई गलती न हो, इसलिए हम आपको स्मार्ट तराके बता रहे हैं खूबसूरती को कायम रखने के...

टैटूज : टैटू पर्सनल स्टेटमेंट बन चुके हैं। यही वजह है कि यंगस्टर्स के बीच टैटू गुदवाने का क्रेज बढ़ गया है। टैटूज को यदि सही सामग्री तथा हाईजीन से न गुदवाया जाए तो इससे गंभीर संक्रमण तथा एलॢजक रिएक्शन हो सकता है। इसका कारण यह है कि टैटू बनाने के लिए उपयोग में लाए जाने वाले ज्यादातर रसायन औद्योगिक रसायन होते हैं जिनका उपयोग वाहनों के पेंट या फिर स्याही बनाने में होता है। इन रासायनों का उपयोग शरीर के किसी भी हिस्से में करना कतई सुरक्षित नहीं है। समुद्र तटों पर किए जाने वाले अस्थायी हिना टैटूज में पैरा-फिनाइलेने डायामाइन (पी.पी.डी.) हो सकती है। यह एक प्रकार की स्थायी डाई है जो आसानी से एलॢजक रिएक्शन कर सकती है और इससे सूजन पैदा हो सकती है। शोध रिपोर्ट में कहा गया है कि जो लोग बिना हाईजीन का ध्यान रखे टैटू गुदवा रहे हैं उन्हें हैपेटाइटिस, एचआईवी, त्वचा के संक्रमण और यहां तक कि त्वचा के कैंसर का खतरा भी हो सकता है। इसलिए इस बात को यकीनी बनाएं कि टैटू किसी मान्यता प्राप्त कलाकार से ही गुदवाएं।

बॉडी पियरसिंग : युवाओं का नया फैशन स्टेटमेंट हैं बॉडी पियरसिंग। पियरसिंग से युवतियां खुद को थोड़ा सैक्सी लुक देना चाहती हैं। वहीं युवा अपने आप को रॉक-स्टार जैसा महसूस करते हैं। अब युवा न सिर्फ कान, नाक बल्कि होंठ ,जीभ और यहां तक नाभि पर भी छेद करवाकर बालियां या छोटी सी कील डालने लगे हैं। आइब्रो पर छेद करवाना तो आम बात हो गई है। पियरसिंग यदि हाईजीनिक तरीके से नहीं हुई तो तो इससे लोकल इंफैक्शन तथा कैलोइड्स इत्यादि हो सकते हैं। ऐसे संक्रमणों से बचने के लिए यह महत्वपूर्ण है कि पियरसिंग के बाद साफ-सफाई का हमेशा पूरा ध्यान रखा जाए। किसी अच्छे प्रोफैशनल से ही बॉडी पियरसिंग कराएं। सुरक्षित और बिना इस्तेमाल की हुई सुई का प्रयोग करने के लिए कहें। अगर आप अपनी जीभ पर छेद करवा रहे हैं तो उस दिन सिर्फ तरल पदार्थ का ही सेवन करें। यह भी सलाह दी जाती है कि किसी भी अंग की पियरसिंग कराने के 2 से 3 हफ्ते के बाद तक कच्चे फल और सब्जियां न खाएं। शरीर के पियर्स किए गए हिस्सों में कृत्रिम ज्यूलरी पहनना भी सही नहीं है। जख्म होने की स्थिति में तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें। इसमें लापरवाही न बरतें।

हैवी मेकअप : सुंदर या प्रेजेंटेबल दिखना किसी के भी व्यक्तित्व का प्लस पॉइंट हो सकता है, बशर्ते उसने मेकअप को सही तरीके से अप्लाई किया हो। खूबसूरती निखारने के लिए यह जरूरी नहीं कि बहुत सारे मेकअप प्रोडक्ड्स को यूज किया जाए। आप चाहें तो कम मेकअप से भी अपनी खूबसूरती में दुगुना निखार ला सकती हैं। हमेशा नैचुरल लुक को ही तवज्जो दें यानी ब्राइट मेकअप की जगह लाइट मेकअप को अपनाएं। दिन के समय आप एकदम हल्का मेकअप रखें और केवल आंख, होंठ आदि फीचर्स को हाईलाइट करने पर ध्यान दें। मेकअप के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले समान में लेड यानी सीसा की मात्रा होती है जो सीधा आपके मस्तिष्क को नुकसान पहुंचा सकती है। कई महिलाएं अक्सर चेहरे पर से डार्क स्पाट्स  पिगमैंटेशन को छुपाने के लिए ढेर सारा मेकअप थोप लेती हैं। हैवी मेकअप त्वचा के रोम छिद्रों को बाधित कर देता है जिस कारण मुहांसे पैदा होते हैं। इसके साथ ही इससे त्वचा समय से पहले ही झुर्रीदार हो जाती है। रात को सोते समय चेहरे के रोम छिद्रों को खुला छोड़ देना चाहिए, ताकि वे भी खुलकर सांस ले सकें। रातभर चेहरे पर मेकअप लगा रहने से भी त्वचा को भारी नुकसान पहुंच सकता है। रात को सोने से पहले त्वचा को सही ढंग से साफ करना बहुत जरूरी है, इससे चेहरे का मेकअप तो हटता ही है साथ ही धूल, प्रदूषण, चिपचिपापन आदि भी दूर होता है।

एक्सपायर्ड सौंदर्य उत्पाद : महिलाएं अक्सर महंगे सौंदर्य उत्पादों को खरीद तो लेती हैं लेकिन फिर उन्हें कीमती खजाने की तरह संभाल कर रखने की इच्छुक रहती हैं। इस तरह कई बार मेकअप के कई सामान बिना इस्तेमाल के ही खराब हो जाते हैं। इन उत्पादों में कुछ ऐसी सामग्री तथा प्रिजर्वेटिव मौजूद होते हैं जो एक्सपायरी डेट के बाद आपकी त्वचा तथा सेहत के लिए खतरा पैदा कर सकते हैं। एक्सपायर होने पर मेकअप के सामान में हानिकारक पदार्थ और बैक्टीरिया उत्पन्न हो जाते हैं, जिससे पिग्मेंटेशन और रैशेज होने की आशंका बढ़ जाती है।  कट या चोट लगी जगह पर एक्सपायर्ड सौंदर्य उत्पादों का इस्तेमाल आपकी त्वचा के लिए हानिकारक हो जाता है। अगर आप एक्सपायर्ड आईलाइनर का इस्तेमाल करती हैं तो इससे आपकी आंखों में संक्रमण हो सकता है। एक्सपायर्ड कॉम्पैक्ट पाऊडर के प्रयोग से चेहरे पर दाग-धब्बे पड़ जाते हैं। इसके अलावा चेहरे पर दाने निकलना, त्वचा का लाल हो जाना और एलर्जी की समस्या भी हो सकती है। तथ्य यह है कि आपको हमेशा सौंदर्य उत्पादों की शैल्फ लाइफ के बारे में जानकारी होना आवश्यक है।

कलर्ड लैंसिंज : यूथ के बीच स्टाइलिश लुक के लिए कलरफुल लैंसिज का चलन आजकल खूब देखा जा रहा है। खासतौर पर गल्र्स तो इसकी दीवानी हैं। लेकिन अपनी स्टाइलिश आंखों से दूसरों को दीवाना बनाने के चक्कर में अक्सर वे अपनी आइ सेफ्टी का ध्यान रखना भूल जाती हैं। फैशन के साथ आंखों की सेफ्टी का ध्यान रखना भी उतना ही जरूरी है, क्योंकि आंखें आपकी बॉडी के सबसे इम्पोर्टेंट पाट्र्स में से एक हैं। लैंस पहनने से पहले यह महत्वपूर्ण है कि उन्हें स्टरलाइज कर लिया जाए क्योंकि  कम गुणवत्ता वाले कांटैक्ट लैंसिंज आंखों को प्रभावित कर सकते हैं। इसके साथ ही इस बात को भी यकीनी बनाएं कि लैंस का  आकार या डायामीटर कोॢनया को कवर करता हो। आपको किसी भी तरह का आई इंफेक्शन हो, कंजंक्टिवाइटिस, आई रेडनेस, अल्सर, ड्राईनेस, वॉटरी आईज या फिर हाल ही में कोई आई सर्जरी हुई हो, तो लैंस हरगिज न पहनें। बेहतर होगा कि आप लगातार छह घंटे से ज्यादा कलर्ड लैंंस न पहनें। अगर इससे ज्यादा पहनने की जरूरत हो, तो इन्हें निकालकर क्लीन कर लें। फिर उन्हें 20 मिनट तक रिहाइड्रेट करें। इसके बाद वापस इन्हें छह घंटे के लिए पहना जा सकता है। जिन लोगों को किसी तरह की आई एलर्जी है, वे किसी भी कंडीशन में छह घंटे से ज्यादा लैंस न पहनें। अगर आप डस्टी या स्मोकी एरिया में जा रहे हैं, तो आपको और भी ज्यादा ध्यान देने की जरूरत है। अगर आप डायबिटीक हैं, तो भी केयरफुल रहें। अगर आपकी आंखों में वाइट स्पॉट अपीयर होता है, तो तुरंत डॉक्टर से मिलें। यह विजन के लिए खतरनाक हो सकता है। लैंस पहनकर कभी न सोएं। किसी के साथ लैंस शेयर न करें। इससे माइक्रो ऑर्गनिज्म इंफैक्शन हो सकता है।

मेकअप शेयरिंग : महिलाएं अक्सर अपने मेकअप प्रोडक्ट्स अपनी सहेलियों के साथ शेयर कर लेती हैं। माना कि दोस्ती के नाते शेयरिंग की आदत बहुत अच्छी है लेकिन कभी-कभार यही अच्छी आदत आपकी सेहत के साथ खिलवाड़ भी कर सकती है। अगर आप अपना आई लाइनर, मस्कारा, फेस क्रीम या लिपस्टिक शेयर करती हैं तो सामने वाले की स्किन के बैक्टीरिया व जम्र्स आपके प्रोडक्ट के जरिए आप तक पहुंच कर आपको भी संक्रमित कर सकते हैं। लिपस्टिक, आई मेकअप इत्यादि की शेयरिंग से हर्पीज वायरस फैलने का खतरा अधिक होता है। लिपस्टिक शेयर करने का मतलब है किसी दूसरे की बीमारी को अपने पास बुलाना। किसी दूसरे की कंघी का इस्तेमाल न करें। इससे डैंड्रफ और बाल गिरने जैसी मुश्किलों का सामना करना पड़ सकता है। आई लाइनर, काजल, मस्कारा इत्यादि शेयर करने से आंखों में कई तरह की इंफैक्शन होने की संभावना बढ़ जाती है, जैसे-आंखों से पानी आना, लाल होना। सबसे ज्यादा जोखिम कंजक्टिवाइटिस का होता है। कीटाणुओं से भरे हाथों से कॉस्मैटिक का इस्तेमाल करने से संक्रामक रोगों के फैलने की संभावना बहुत बढ़ जाती है। मेकअप करने से पहले साबुन-पानी या हैंड सैनीटाइजर से अपने हाथ जरूर धो लें।