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Friday, September 4, 2015

Classic look with the Modern edge

क्लासिक लुक विद द मॉर्डन एज

फैशन डिज़ाइनर राघवेंद्र राठौर पुरुषों के लिये एक से बढ़कर ए‍क कपड़े डिजाइन करते हैं। मेंसवियर के लिए उनका सिगनेचर लुक है-  क्लासिक लुक विद द मॉर्डन एज। राघवेंद्र का संबंध जोधपुर के राज परिवार से है। 1200 वर्षों के बहुमूल्य पारिवारिक इतिहास, संस्कृति और विरासत उनके काम में प्रेरणा का स्रोत है। उनके डिजाइनर संग्रह में हमेशा ही राजस्थान की पुरानी भव्य संस्कृति की झलक दिखाई देती है। कंटैम्परेरी डिज़ाइनिंग उनके स्टाइल का मूल मंत्र है।

राघवेंद्र ने पारम्परिक बंदगला और जोधपुर की शॉर्ट पैंट को विश्व मानचित्र पर जगह दिलाई। वह डिज़ाइनिंग में बदलाव के लिए जाने जाते हैं। जोधपुर बंदगला जैकेट के कायाकल्प और क्लासिक बंदगला सूट के नए कट ने उन्हें भारतीय फैशन इतिहास में सम्मानजनक स्थान दिला दिया। फोर्ब्स के सर्वे के अनुसार फॉर्मल और सैमी फॉर्मल अवसरों के लिए बंदगला सबसे उत्कृष्ट अॉप्शन है। राघवेंद्र का इन दोनों स्टाइल्स पर कॉपीराइट है। उन्होंने धोती को भी फैशनेबल और स्टाइलिश अंदाज में पेश करके उसे एक खास मुकाम दिलाया है। 

कुछ साल पहले तक फैशन बाजार में पूरी तरह वूमेंस वियर का बोलबाला था, लेकिन अब ट्रैंड बदल रहा है। राघवेंद्र मेंसवेयर को फैशन का उपेक्षित कज़िन मानते हुए कहते हैं कि इसे हमेशा लास्ट सीट मिलती है। वह कहते हैं, ‘भारत में मेंसवियर का बड़ा बाज़ार है लेकिन फैशन वीक या ग्लॉसी फैशन मैगजीन में इस पर चर्चा नहीं होती।‘ 

पारंपरिक परवरिश और न्यू यॉर्क में पर्संस स्कूल अॉफ डिजाइन ने उन्हें प्रसिद्ध डिज़ाइनर बनाने में अहम भूमिका निभाई। राघवेंद्र बताते हैं कि इलैक्ट्रॉनिक्स एंड रोबोटिक्स में हायर स्टडीज़ के लिए हैमिस्फेयर कॉलेज जाने से पहले उनकी  लाइफ में कोई ग्लैमर नहीं था। तब तक उन्होंने मुश्किल से तीन इंग्लिश फिल्में देखी थीं। सिर्फ एक घंटा टीवी देखने की इजाजत थी। फैशन इंडस्ट्री तक कतई पहुंच नहीं थी। 

1994 में राघवेंद्र ने जोधपुर से ‘राठौड़ जोधपुर‘ के नाम से अपना ब्रैंड शुरू किया। नई दिल्ली, हांग कांग, ग्रीस, मुंबई, कोलकाता और गोवा में इनके रिटेल स्टोर्स हैं।  उन्होंने हाल ही में रैडी टू वियर ब्रांड ‘द इम्पीरियल इंडिया कंपनी‘ के नाम से लॉन्च किया है। टैक्सटाइल्स डिज़ाइंस और सूट्स के लिए वह एस. कुमार्स के साथ जुड़े हैं। हालांकि आमतौर पर उनकी कलैक्शन का आधार देशभर के बुनकरों द्वारा बुने पारम्परिक हैंडलूम फैब्रिक होते हैं। उनकी कलैक्शन में अॉलिव, मस्टर्ड, कोबाल्ट ब्ल्यू, ब्लैक और व्हाइट के अलावा कुछ यूनीक कलर कॉम्बीनेशंस में ट्रैडिशनल लॉन्ग कुर्ता, बंदगला और जैकेट्स, पैंट्स, फॉर्मल सूट्स, शर्ट्स, काफ्तान और स्कर्ट्स हैं।

राघवेंद्र राठौर बहुमुखी प्रतिभा से सम्पन्न डिज़ाइनर हैं। विभिन्न विषयों पर उनकी जानकारी उनके डिज़ाइंस में झलकती है। उन्होंने 2010 में तनिष्क की ज़ोआ डायमंड बुटीक गोल्ड अॉफ नारलाई के लिए भी एक कलैक्शन डिज़ाइन की। इसमें कुंदन और पोल्की में ब्रैसलेट, ईयरिंग्स, नेकलेस और पेंडेंट्स हैं। उन्होंने यूनिफॉर्मस, फर्नीचर और चॉकलेट्स भी डिज़ाइन की हैं।एक ही वक्त में इतने सारे काम वह कैसे कर लेते हैं, इस पर उनका सीधा सा जवाब होता है, ‘क्रिएटिविटी चीनी के समान है। यह आप पर निर्भर करता है कि अाप इससे गुलाब जामुन बना लो या पेस्ट्री।‘

उन्होंने विधु विनोद चोपड़ा की फिल्म ‘एकलव्य‘ समेत कई फिल्मों में बॉलीवुड सेलिब्रिटीज़ के लिए वार्डरॉब्स डिज़ाइन कर चुके हैं। फिल्म ‘खूबसूरत‘ में पाकिस्तानी एक्टर फवाद अफज़ल खान को सॉबर लुक देने वाले राघवेंद्र ही थे। फिल्म में युवा राजपूत युवराज का किरदार निभाने वाले फवाद को राघवेंद्र ने जोधपुरी बंदगला पहनाया है। इससे पहले वह सैफ अली खान और अमिताभ बच्चन को भी स्टाइल कर चुके हैं। गेम शो ‘कौन बनेगा करोड़पति‘ के पहले सीज़न के लिए अमिताभ बच्चन के कॉस्च्यूम भी राघवेंद्र ने ही डिज़ाइन किए थे।