क्या है एक्स्ट्रा मैरिटल अफेयर्स की सच्चाई?
विवाह के समय पवित्र अग्नि के फेरे लेते हुए नवदंपति सात जन्मों तक साथ निभाने की शपथ लेते हैं, लेकिन फिर भी कुछ विवाहित महिला एवं पुरुष एक्सट्रा मैरिटल अफेयर्स में रुचि लेने लगते हैं। लेकिन क्या यह स्वतंत्रता के नाम पर स्वच्छंदता या उच्छृंखलता नहीं है...पहली नजर में तो एक्स्ट्रा मैरिटल अफेयर बहुत रोमांटिक लगते हैं। इसे एक ऐसा रिश्ता माना जाता है जिससे एक उबाऊ वैवाहिक जीवन को नया जीवनदान मिलता है। विवाहित पुरुष या स्त्री की किसी दूसरे से भेंट होती है, सामने वाले की कोई अदा अच्छी लगती है और उसके लिए चाहत पैदा हो जाती है। यही चाहत एक दिन प्यार बन जाती है और फिर गुपचुप अफेयर शुरू हो जाता है। जल्दी ही वे इस निष्कर्ष पर भी पहुंच जाते हैं कि यही व्यक्ति उनका सच्चा प्यार है। इन मामलों में कई बार यह अफेयर गुपचुप तरीके से चलता रहता है तो कई बार वे उसी के साथ रहने का फैसला कर लेते हैं। जब अफेयर उन दो व्यक्तियों के बीच हो, जो पहले से ही विवाहित हों और उसके बावजूद भी एक-दूसरे के प्रेम में गिरफ्तार हो जाएं, तो मामला और भी अधिक जटिल हो जाता है।
क्यों बनते हैं ये रिश्ते?
शादीशुदा होने के बावजूद अगर कोई व्यक्ति एक्स्ट्रा मैरिटल अफेयर में दिलचस्पी लेता है और किसी दूसरे के प्रेम में पड़ जाता है, तो इसके लिए कई कारण जिम्मेदार हैं। आम तौर पर लोग एक्स्ट्रा मैरिटल अफेयर में वह सब कुछ पाने की कोशिश में रहते हैं जिनकी उनकी शादीशुदा जिंदगी में कमी रहती है।
घरेलू समस्याएं : कुछ लोग रोज-रोज की किच-किच और घरेलू परेशानियों की वजह से होने वाले तनाव को बर्दाश्त नहीं कर पाते। वे तनाव को दूर करने और मानसिक शांति पाने के लिए अपने लिए बाहर प्यार की तलाश कर रहे होते हैं।
पार्टनर की आदतें: कुछ लोग अपने साथी को जलाने के लिए या उसकी किसी आदत से तंग आकर बाहर अपने लिए प्यार खोजने लगते हैं। अगर पति या पत्नी में से कोई एक बहुत अधिक शक करता है या बात-बात पर गुस्सा होने लगता है या गुस्से में ङ्क्षहसक हो जाता है तो ऐसे में दोनों के बीच भावनात्मक लगाव खत्म हो जाता है और रिश्तों में दूरियां पनपने लगती हैं। कुछ लोग तो अपने पार्टनर से प्यार करना ही बंद कर चुके होते हैं।
भावनात्मक लगाव : जब एक महिला और पुरुष भावनात्मक स्तर पर करीब आने लगते हैं, तो निकटता बढ़ जाने के कारण रूमानी संबंधों का भी उदय होने लगता है। महिलाओं के बारे में कहा जाता है कि जब उन्हें सामने वाले से भावनात्मक लगाव मिलता है तब वे उस व्यक्ति से आकर्षित होती हैं।
सच्चे प्रेम का अनुभव : कई बार शादी के बावजूद पति या पत्नी के लिए किसी प्रकार की कोई भावना नहीं होती, अपने पार्टनर से प्यार नहीं होता और वे जबरदस्ती रिश्ता निभा रहे होते हैं। ऐसे में अगर शादी के बाद किसी अन्य व्यक्ति के लिए दिल में प्रेम जाग उठे तो विवाहित संबंध का निर्वाह करना कठिन हो जाता है।
बदलाव की जरूरत : कुछ लोग रूटीन से जल्दी ही ऊब जाते हैं। उनके लिए एक व्यक्ति के साथ रहना बहुत बोरिंग होता है और उन्हें बदलाव चाहिए होता है। लाइफ में एक्साइटमैंट बनाए रखने, नए अनुभव लेने और रिलेशनशिप को रोमांचक बनाने की यही चाहत उन्हें नया पार्टनर खोजने की जरूरत महसूस करवाती है।
बोरिंग सैक्स लाइफ: आम तौर पर पति या पत्नी के साथ सैक्स लाइफ एंज्वाय न कर पाने के कारण लोग एक्स्ट्रा मैरिटल अफेयर की ओर आकर्षित होते हैं। दरअसल लंबा समय साथ बिताने के बाद पति-पत्नी के संबंधों में नीरसता और एकरसता आने लगती है। रोमांस में गर्माहट कम होने पर लोग बोरिंग सैक्स लाइफ से ऊब जाते हैं और बाहर की तरफ रुख करने लगते हैं। अक्सर पुरुष बच्चा पैदा होने के बाद इस तरह का धोखा करते हैं। उन्हें तब सैक्स की चाहत होती है और उनकी पार्टनर इस चाहत को पूरा करने में असफल रहती हैं।
क्या हैं इसके साइड इफैक्ट्स?
विश्वास की कमी: एक्स्ट्रा मैरिटल अफेयर्स की शुरूआत धोखे से होती है, इसलिए इस रिश्ते में विश्वास पनपना मुश्किल होता है। सच यह है कि धोखा देने वाले पर कोई विश्वास नहीं करता, न वह जो उसे प्यार करता है और न वह जिसे वह प्यार करता है। दोनों में से कोई भी अपने पार्टनर से धोखा करने के अपराध बोध से बाहर नहीं आ पाता है। दूसरा, मन में यह तनाव बना रहता है कि अगर आपका नया साथी आपके लिए अपने पति या पत्नी को छोड़ सकता है तो क्या कल वह किसी और के लिए आपको भी नहीं छोड़ देगा? अंदर ही अंदर अपने टूटे परिवार का अफसोस भी सताता रहता है।
सामाजिक स्वीकार्यता नहीं: कुछ लोग सोचते हैं कि शादी के बाद ऐसे मामलों में सब कुछ ठीक हो जाता है, लेकिन हकीकत में ऐसा हो नहीं पाता। आम तौर पर आस-पड़ोस के लोग, रिश्तेदार और यहां तक कि दोस्त भी इस नए रिश्ते को स्वीकार नहीं कर पाते क्योंकि इस तरह की शादी से कई लोग प्रभावित होते हैं। जिस तरह अपनों का दिल तोड़ कर वे एक-दूसरे को अपनाते हैं, समाज उसे स्वीकार नहीं कर पाता।
बोरियत यहां भी होती है: हकीकत यह है कि हर शादी एक वक्त के बाद रूटीन हो जाती है। शादी के कुछ समय बाद वे दोनों एक-दूसरे को उतना समय नहीं दे पाते जितना अफेयर या शादी के शुरूआती दिनों में दे पाते थे। एक-दूसरे के नखरे उठाना भी बंद कर देते हैं। पहले जिस अदा पर फिदा होकर रिश्ता बनाया था, अब वही असहनीय हो जाती है। हालात बदतर होते चले जाते हैं और उसके बाद शुरू हो जाती है खिटपिट। एक स्थिति ऐसी भी आती है जब दोनों एक-दूसरे की शक्ल तक देखना पसंद नहीं करते।
बच्चों पर बुरा असर: एक्स्ट्रा मैरिटल अफेयर होने पर पूरे परिवार को भावनात्मक आघात से रू-ब-रू होना पड़ता है। सबसे ज्यादा बुरा असर बच्चों पर पड़ता है क्योंकि जब भी किसी कपल का रिश्ता टूटने की कगार पर होता है तो सबसे ज्यादा परेशान बच्चे ही होते हैं। बाल मनोविश्लेषकों का मानना है कि जब बच्चों को उनके माता या पिता के एक्स्ट्रा मैरिटल अफेयर के बारे में पता चलता है तो वे शारीरिक व मानसिक दोनों ही रूप में बेचैन हो जाते हैं। उनका मासूम और नासमझ मन यही सोचता है कि कहीं उनके माता-पिता उन्हें अकेला तो नहीं छोड़ देंगे।
स्वीकार करें या अस्वीकार?
अगर विवाह के बाद आप किसी अन्य के प्रति आकर्षित होते हैं तो निश्चित तौर पर आप अपने पार्टनर के साथ विश्वासघात कर रहे हैं। इससे भी बड़ी गलती आप तब करते हैं जब अपने विवाहित रिश्ते को तोड़ कर अपने नए संबंध को विवाह में तबदील करते हैं। बेहतर होगा ऐसा करने से पहले सोचें कि आप किसी के पति या पत्नी हैं, किसी के माता-पिता हैं, उनके प्रति आपकी कुछ जिम्मेदारियां हैं।
आम तौर पर बिना किसी अपराधबोध के तब तक एक्स्ट्रा मैरिटल रिलेशन बने रहते हैं जब तक सब कुछ सेफ चलता है यानी घरेलू स्तर पर कोई असर नहीं पड़ता। एक्स्ट्रा मैरिटल अफेयर चाहे मन को सुकून देने के लिए हो या सैक्सुअल प्लैज़र के लिए, आखिर में सब अपने ही घर लौटते हैं।
कारण कुछ भी हो लेकिन इस तथ्य से इंकार नहीं किया जा सकता कि आज भी हमारे समाज में एक्स्ट्रा मैरिटल अफेयर को कोई सम्मानजनक स्थान नहीं दिया जाता। कुछ लोग चाहे यह दलील दें कि हर उस शख्स से शादी तो नहीं कर सकते जिस-जिस से आप प्यार करते हैं, लेकिन पति-पत्नी के रिश्तों में मर्यादा बहुत जरूरी है।
—मीनाक्षी गांधी, जालंधर
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