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Monday, April 1, 2013

डिजाइनर ज्यूल्ड मेहंदी के रंग...

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डिजाइनर ज्यूल्ड मेहंदी के रंग...

सदियों से सजने-संवरने के लिए लड़कियां मेहंदी का इस्तेमाल करती आ रही हैं। हालांकि समय के साथ मेहंदी फैशन की वस्तु बन गई और इसमें कई नए ट्रैंडस आ गए, जिस कारण इसकी डिमांड भी बढ़ गई है। इन दिनों हाथ के अलावा, गर्दन, पीठ और पेट पर भी मेहंदी लगाई जाने लगी है। लेटैस्ट ट्रैंड के रूप में उभरती ज्यूल्ड मेहंदी की तो बात ही कुछ और है...

हिंदू परंपरा में मेहंदी को धन, धान्य और सौभाग्य की देवी मां लक्ष्मी का प्रतीक माना जाता है। गहरी लाली रची मेहंदी और चूडिय़ों से भरे हाथों की शोभा ही निराली होती है। मेहंदी सिर्फ शृंगार ही नहीं, जीवन में प्यार व खुशियों का उपहार मानी जाती है। लड़कियां मेहंदी लगवाने के लिए काफी क्रेजी रहती हैं। बाजार में कहीं भी मेहंदी वाला दिख जाए, इनका मन हाथों पर सुंदर डिजाइन बनवाने को लालायित हो जाता है। मेहंदी के पारंपरिक डिजाइनों का आकर्षण तो सदाबहार है परंतु बदलते वक्त के साथ इसमें कुछ नए स्टाइल्स का भी समावेश हुआ है, जो आपके हाथों की खूबसूरती निखारने के साथ आपको एक अलग ही लुक देते हैं। मेहंदी में तरह-तरह के एक्सपैरीमैंट्स हो रहे हैं।

ऐसे बनाएं मेहंदी का पेस्ट

बढिय़ा क्वालिटी के मेहंदी पाऊडर को मलमल के बारीक कपड़े से दो-तीन बार छानें। मेहंदी में कुछ बूंदें नींबू का रस, आठ-दस बूंदें नीलगिरी का तेल और जरूरत के हिसाब से पानी मिला कर गाढ़ा पेस्ट बना लें। मेहंदी गहरी रचाने के लिए कुछ बूंदें मेहंदी का तेल व चुटकी भर कत्था भी मिला सकती हैं। परफैक्ट टैक्सचर पाने के लिए कटी हुई ङ्क्षभडी का पानी लें। उस पानी में मेहंदी को तकरीबन दो घंटे के लिए भिगो दें। इसे लगाएं। फिर देखिए मेहंदी कैसे खिलकर आती है। इमली और चाय की पत्ती को पानी में उबाल लें और बाद में इसी पानी में मेहंदी पाऊडर को मिलाने से मेहंदी का रंग बहुत गहरा आता है।

 
अरेबियन मेहंदी
अरेबियन स्टाइल में मोटे-मोटे फूल-पत्तियों वाले डिजाइन खूब चलन में हैं। अरेबियन मेहंदी में ब्लैक कैमिकल से आऊटलाइन की जाती है और फिर बीच में हरी मेहंदी से शेडिंग कर दी जाती है या उसे पूरा भर दिया जाता है। इससे डिजाइन उभर कर तो आता ही है मेहंदी भी खूब अच्छी तरह रचती है। काले और सुर्ख लाल रंग लिए इस मेहंदी पर भी आप अपनी ड्रैस के रंग व डिजाइन से मैच करते रंग-बिरंगे स्टोंस और कुंदन लगवा सकते हैं। इन दिनों अरेबियन मेहंदी को अलग रंग से आऊटलाइन करके अलग स्टाइल भी दिया जा रहा है। इसके अलावा अरेबियन विदाऊट लाइन भी ट्रैंड में है।
जरदोजी मेहंदी
जरदोजी मेहंदी आपके हाथों की खूबसूरती निखारने के साथ आपको एक अलग ही लुक देगी। किसी विशेष पार्टी, फैस्टिवल या शादी के मौके पर लड़कियां हाथों और पैरों के अलावा पीठ, बाजू और यहां तक कि नाभि पर जरदोजी मेहंदी का डिजाइन बनवाती हैं। जरदोजी मेहंदी सिल्वर या गोल्डन शेड लिए होती है। मेहंदी रचे हाथों में सिल्वर या गोल्डन ग्लिटर से डिजाइन बनाया जाता है। इससे मेहंदी की सुंदरता और भी कई गुणा बढ़ जाती है और उसमें चमक भी आ जाती है। इसके बाद ब्लैक और रैड कलर लिए इस मेहंदी पर आप रंग-बिरंगे स्टोन या कुंदन भी लगवा सकती हैं। आप मोर, फूल-पत्तियां, ट्राइबल, कराची या अफगानी डिजाइन भी बनवा सकती हैं। जितनी बढिय़ा आर्टिस्ट की कल्पना होगी, उतना ही सुंदर आपके हाथ पर मेहंदी का डिजाइन उभरेगा। 
टैटू मेहंदी
परमानैंट टैटू धीरे-धीरे फैशन से आऊट होने लगे हैं और युवा यूज एंड थ्रो टैटूज पसंद करने लगे हैं। आजकल लड़कियों में ड्रैस के अनुसार मेहंदी टैटू का क्रेज बहुत ज्यादा है। लड़कियों में बाजुओं, पेट और पीठ पर स्माल फिगर्स जैसे कलरफुल बटरफ्लाई, एंजिल फेस, डंक मारते बिच्छु, ड्रैगन आदि टैटू बनवाने का चलन काफी है। ये टैटू सोबर और स्मार्ट लुक तो देते ही हैं, साथ ही आपको स्टाइलिश लोगों की कैटेगरी में भी ला देते हैं। लड़कियां ज्यूल्ड मेहंदी को टैटू की तरह लगवाना पसंद कर रही हैं और इसमें ड्रैस के अनुसार रेड, मैरून, ग्रीन, ब्लू जैसे ब्राइट कलर अपना जादू चला रहे हैं।
मारवाड़ी मेहंदी
दुनियाभर में राजस्थानी मारवाड़ी मेहंदी को बेहद पसंद किया जाता है। इसमें मेहंदी के डिजाइन को बहुत खूबसूरती से उकेरा जाता है। ये डिजाइंस बहुत महीन और घने होते हैं। यही वजह है ब्राइड्स में यह मेहंदी बेहद पसंद की जाती है। परंपरागत मेहंदी पसंद करने वालों को मारवाड़ी मेहंदी के डिजाइन बहुत पसंद आते हैं। राजस्थानी मेहंदी की खासियत यह है कि दोनों हाथों की मेहंदी हू-ब-हू एक जैसी होती है। यही कारण है कि इसे लगाना आसान नहीं होता। इसके विभिन्न प्रकार की डिजाइंस में शहनाई, ढोलक, बैंडबाजे, मोर आदि मंगल-सूचक पक्षी, आसमान में घिरे बादलों जैसी कलाकृतियां शामिल हैं, जो राजस्थान की संस्कृति, सभ्यता और खूबसूरती को दर्शाती हैं। इनमें मेहंदी में बाजुओं पर कड़े के स्टाइल में डिजाइन बनाया जाता है।
कलरफुल फैंटेसी मेहंदी 
कलरफुल मेहंदी के लोकप्रिय होने का एक प्रमुख कारण है इसका आम मेहंदी के मुकाबले ज्यादा स्टाइलिश व कलरफुल होना। अगर आप अपने हाथों पर एक ही मेहंदी का डिजाइन बनवा-बनवा कर बोर हो गई हैं, तो कलरफुल मेहंदी को आजमा सकती हैं। आज कल मैचिंग का जमाना है। ज्यूलरी, फुटवियर, एक्सैसरीज सब ड्रैस से मैच करके खरीदे जाते हैं, ऐसे में मेहंदी कैसे पीछे रह सकती है। अब तो मेहंदी भी ड्रैस की मैचिंग के हिसाब से ही लगाई जाने लगी है। आप भी अपनी ड्रैस और ज्यूलरी के अनुसार अपने हाथों पर मैच करते कलर्स से मेहंदी का डिजाइन बनवा सकती हैं। यह मेहंदी देखने में काफी खूबसूरत लगती है। आजकल मार्कीट में कलरफुल मेहंदी के कोन्स भी मिलने लगे हैं। इसमें डिजाइन के ऊपर शेडिंग का चलन भी जोरों पर है।
ज्यूल्ड मेहंदी
मेहंदी का एक नया रूप है ज्यूल्ड मेहंदी। इसमें मेहंदी के साथ क्रिस्टल, कुंदन, स्वरोस्की, नग, स्पार्कल डस्ट, कलर्स, सितारे, मोतियों और फर आदि ज्यूलरी का इस्तेमाल किया जाता है। ज्यूल्ड मेहंदी के डिजाइन ऐसे लगते हैं जैसे वाकई आपने ज्यूलरी पहनी हुई हो। लड़कियां हैवी ज्यूलरी की जगह ज्यूल्ड मेहंदी के नैकलेस और बाजूबंद पसंद करने लगी हैं। आप हाथों पर खूबसूरत चूडिय़ां व कड़े डिजाइन करवा सकती हैं। इन दिनों ज्यूल्ड मेहंदी में हाथ फूल, करघनी, ब्रेसलैट व पाजेब डिजाइन करवाना भी ट्रैंड में है।


रंग निखरेगा मेहंदी का
  • आपके हाथों में मेहंदी कितने बेहतर तरीके से रचेगी यह काफी हद तक इस बात पर निर्भर करता है कि आपके शरीर का सामान्य तापमान कितना है। जिन लड़कियों का सामान्य तापमान ज्यादा होता है, उनकी मेहंदी ज्यादा रचती है।
  • मेहंदी लगाने से पहले हाथों को अच्छी तरह धो लें और हथेलियों में मेहंदी के तेल की कुछ बूंदें लगा लें।
  • मेहंदी लगाते समय कोन को हल्के हाथों से दबाएं न कि जोर से। मेहंदी का प्रयोग नाखूनों पर नहीं करें।
  • मेहंदी लगानी न आती हो तो पहले पैंसिल से हाथ पर डिजाइन बना लें।
  • कटोरी में नींबू के रस में चीनी मिलाकर रखें। जब मेहंदी सूखने लगे, तो रूई के फाहे से यह मिश्रण मेहंदी पर लगाएं। इससे मेहंदी ज्यादा देर तक टिकेगी और मेहंदी का रंग त्वचा में और बेहतर तरीके से जाएगा।
  • मेहंदी को 3-4 घंटे तक हाथों पर लगी रहने दें।
  • मेहंदी उतारने के लिए क्रैडिट कार्ड या बिना धार वाले चाकू का इस्तेमाल कर सकती हैं।
  • मेहंदी उखाडऩे के बाद हाथों में सरसों का तेल लगा लें और कोशिश करें कि 12 से 13 घंटे तक मेहंदी वाले स्थान पर पानी न लगे।
  • मेहंदी लगाने के बाद उस पर पॉलिथीन न लपेटें। ऐसा करने से हाथ या पैर से ज्यादा पसीना निकलने लगेगा और मेहंदी का डिजाइन बिगड़ जाएगा।
  • कई लोग काली मेहंदी का भी इस्तेमाल हाथों पर कर लेते हैं, पर ऐसा करना आपकी त्वचा के लिए नुक्सानदेह साबित हो सकता है। काली मेहंदी में पी.पी.डी. नामक कैमिकल होता है, जिसकी वजह से त्वचा में खुजली आदि हो सकती है।